पेंशन योजनाओं से जुड़े लाखों खाताधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS), अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-लाइट के लिए नए शुल्क ढांचे की घोषणा की है। यह नया शुल्क ढांचा 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा और इससे पहले लागू जून 2020 के शुल्क ढांचे को प्रतिस्थापित करेगा।
इस बदलाव का सीधा असर उन सभी ग्राहकों पर पड़ेगा, जो इन पेंशन योजनाओं में रजिस्टर्ड हैं या भविष्य में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।

NPS और UPS में नए शुल्क की रूपरेखा
- ई-PRAN किट के लिए शुल्क: ₹18
- फिजिकल PRAN कार्ड के लिए शुल्क: ₹40
- सालाना मेंटेनेंस शुल्क: ₹100 प्रति अकाउंट
- शून्य बैलेंस वाले खातों पर कोई शुल्क नहीं
सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष दरें:
- PRAN खोलने पर: ₹15
- सालाना मेंटेनेंस शुल्क: ₹15
- ट्रांजेक्शन शुल्क: ₹0
अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-लाइट में राहत
सरकार की लोकहितकारी योजनाएं जैसे APY और NPS-लाइट को ज्यादा सरल और सुलभ बनाने के लिए शुल्कों को काफी कम रखा गया है।
- PRAN खोलने का शुल्क: ₹15
- सालाना मेंटेनेंस शुल्क: ₹15
- ट्रांजेक्शन शुल्क: ₹0
इससे योजना में ज्यादा लोगों को जोड़ने और सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने की कोशिश की गई है।

NPS और NPS वात्सल्य के लिए टियर-1 आधारित शुल्क ढांचा
टियर-1 खातों में उपलब्ध राशि के आधार पर सालाना शुल्क तय किया गया है:
| उपलब्ध राशि की सीमा | सालाना मेंटेनेंस शुल्क |
|---|---|
| ₹1 लाख तक | ₹0 |
| ₹1 लाख से ₹2 लाख | ₹100 |
| ₹2 लाख से ₹10 लाख | ₹150 |
| ₹10 लाख से ₹25 लाख | ₹300 |
| ₹25 लाख से ₹50 लाख | ₹400 |
| ₹50 लाख से अधिक | ₹500 |
- ई-PRAN किट: ₹18
- फिजिकल PRAN कार्ड: ₹40
- ट्रांजेक्शन शुल्क: ₹0
शुल्क की अधिकतम सीमा तय
PFRDA ने स्पष्ट किया है कि ये शुल्क ऊपरी सीमा (maximum cap) हैं। सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियां (CRA) इससे अधिक शुल्क नहीं ले सकतीं। हालांकि वे चाहें तो इससे कम शुल्क वसूल सकती हैं, लेकिन यह पहले वाले स्लैब की सीमा से कम नहीं होना चाहिए।
नई सेवाओं पर शुल्क की शर्तें
यदि CRA कोई नई सेवा शुरू करती है, तो वह PFRDA की पूर्व अनुमति से और वास्तविक लागत पर ही शुल्क ले सकेगी। कोई अतिरिक्त लाभ (markup) नहीं जोड़ा जाएगा। यह कदम पारदर्शिता बनाए रखने और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ से बचाने के लिए उठाया गया है।
उद्देश्य: सुलभ और पारदर्शी पेंशन व्यवस्था
PFRDA की इस नई गाइडलाइन का उद्देश्य पेंशन योजनाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और किफायती बनाना है, जिससे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के लोगों को लचीलापन और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकें।
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1 अक्टूबर 2025 से लागू हो रहे ये नए शुल्क नियम न केवल पेंशन ग्राहकों के लिए लागत को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हैं, बल्कि डिजिटल माध्यमों को अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं। इसके ज़रिए सरकार पेंशन योजनाओं को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना चाहती है।









