प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक नया डिजिटल टूल “सुमन सखी चैटबॉट” लॉन्च किया है। मध्य प्रदेश के धार जिले से इस अनोखी पहल की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों की महिलाओं तक स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी समय पर पहुंचाना है।
क्या है सुमन सखी चैटबॉट?
सुमन सखी एक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित चैटबॉट है, जो खासतौर पर महिलाओं के लिए तैयार किया गया है। यह चैटबॉट गर्भावस्था, मासिक धर्म, नवजात शिशु की देखभाल, पोषण, टीकाकरण और खतरे के संकेतों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा। खास बात यह है कि यह चैटबॉट 24 घंटे हिंदी भाषा में उपलब्ध रहेगा और पूरी तरह गोपनीय रहेगा, जिससे महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगी।
कैसे करें उपयोग?
इस चैटबॉट से जुड़ने के लिए महिलाओं को बस अपने व्हाट्सएप पर 9770905942 नंबर पर “नमस्कार” या “प्रश्न पूछना चाहती हूं” लिखकर भेजना होगा। इसके बाद उन्हें मेनू प्राप्त होगा, जिसमें स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न सेवाओं और जानकारियों के विकल्प होंगे।
क्यों है यह पहल खास?
सुमन सखी भारत का पहला राज्य स्तरीय महिला-केंद्रित हेल्थ चैटबॉट है। इसके जरिए महिलाओं को न केवल स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी मिलेगी, बल्कि वे सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, परिवार नियोजन सेवाएं और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी भी पा सकेंगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और MPSeDC की साझा पहल
इस चैटबॉट को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPSeDC) ने मिलकर विकसित किया है। शुरुआत में इसे कुछ जिलों में लागू किया गया है, लेकिन जल्द ही इसे पूरे राज्य में विस्तार देने की योजना है।
पीएम मोदी का संबोधन
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह चैटबॉट मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक होगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत देशभर की 10 लाख से ज्यादा महिलाओं के खातों में एक ही क्लिक में सहायता राशि ट्रांसफर की। इसके अलावा सिकल सेल एनीमिया से जुड़ी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत कार्ड भी वितरित किए गए।
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सुमन सखी चैटबॉट डिजिटल भारत की दिशा में एक अहम कदम है, जो खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा जो स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में पिछड़ जाती हैं। यह तकनीकी नवाचार महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में एक बड़ी भूमिका निभाएगा।









