लोकसभा कर्मचारी संघ ने गांधी मंडेला फाउंडेशन के सहयोग से संसद भवन के ऑडिटोरियम में बैसाखी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में देश की समृद्ध परंपराओं, कला और ऐतिहासिक विरासत की शानदार झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गांधी मंडेला फाउंडेशन की सदस्या डॉ. काशिका जैन (प्रसिद्ध क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं लेखिका) को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया।
डॉ. काशिका जैन एक प्रसिद्ध क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और लेखिका हैं, जो भावनात्मक और व्यवहारिक समस्याओं के समाधान के लिए अपने प्रभावशाली, बिना दवाइयों वाले दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। वह ओसीडी, एंग्जायटी, डिप्रेशन और जटिल मानसिक पैटर्न जैसी गहरी जड़ वाली समस्याओं पर काम करती हैं और केवल लक्षणों पर नहीं, बल्कि उनके मूल कारणों पर ध्यान केंद्रित करती हैं।

उनका कार्य अपनी सच्चाई, व्यावहारिकता और गहराई से परिवर्तन लाने की क्षमता के लिए पहचाना जाता है। वह “Dear Depression, Let’s Break Up” पुस्तक की लेखिका हैं, जिसे व्यापक सराहना मिली है। उन्हें अक्सर मनोवैज्ञानिक समाधानों के महासागर के रूप में जाना जाता है।
लोकसभा अध्यक्ष के हाथों सम्मानित होने के बाद डॉ. काशिका जैन ने कहा कि गांधी मंडेला फाउंडेशन जैसे समाज में शांति लाने के लिए काम कर रही है उसी प्रकार में भी इस फाउंडेशन के माध्यम से लोगों के जीवन में शांति लाने के लिए काम कर रही हूँ।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ अन्य प्रमुख अतिथियों में अधिवक्ता नंदन झा (महासचिव, गांधी मंडेला फाउंडेशन) और उत्पल कुमार सिंह (लोकसभा महासचिव) सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।









