लोकसभा कर्मचारी संघ ने गांधी मंडेला फाउंडेशन के सहयोग से संसद भवन के ऑडिटोरियम में बैसाखी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में देश की समृद्ध परंपराओं, कला और ऐतिहासिक विरासत की शानदार झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ अन्य प्रमुख अतिथियों में अधिवक्ता नंदन झा (महासचिव, गांधी मंडेला फाउंडेशन) और उत्पल कुमार सिंह (लोकसभा महासचिव) सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. काशिका जैन (प्रसिद्ध क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और लेखिका), श्री अभिषेक गिलारा (कस्टोडियन, रामभजो और अद्वित ज्वेल्स), डॉ. बसंत गोयल और क्रिटिकल एवं सर्जिकल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन (संस्थापक – आरोग्य सुपर स्पेशियलिटी मॉडर्न होम्योपैथी) शामिल रहे, जिन्हें उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सराहा गया।

बैसाखी का पर्व क्यों मनाया जाता है?
बैसाखी का पर्व विशेष रूप से सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन न केवल नई फसल के आगमन का प्रतीक है, बल्कि सिख नववर्ष की शुरुआत भी दर्शाता है। ऐतिहासिक रूप से, इसी दिन वर्ष 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, जो सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
इसके अलावा, यह पर्व रबी की फसल की कटाई से भी जुड़ा हुआ है, जिससे किसानों के जीवन में खुशहाली का संदेश आता है। बैसाखी लोगों को एकता, उत्साह और सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर प्रदान करता है। पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में यह त्योहार पूरे उत्साह और पारंपरिक रंग में मनाया जाता है।
संसद परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव था, बल्कि देश की विविधता, परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी रहा।
गांधी मंडेला पुरस्कार
महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला की विरासत को आगे बढ़ाने वालों को सम्मानित करने के लिए महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के पर गांधी मंडेला पुरस्कारों की स्थापना की गई। वैश्विक शांति को बढ़ावा देने के लिए पहला गांधी मंडेला पुरस्कार से आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को सम्मानित किया गया।

वहीं मंडेला दिवस 2024 के अवसर पर मैक्सिको की मानवाधिकार कार्यकर्ता, नारीवादी, “रिगोबर्टा मेंचू तुम” को सम्मानित किया गया। “रिगोबर्टा मेंचू तुम” को 1992 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

गांधी मंडेला फाउंडेशन का मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में है। साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका, लैटिन अमेरिका, रूस, दक्षिण अफ्रीका, चीन, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, यूके और ऑस्ट्रेलिया में इसकी वैश्विक उपस्थिति है। जीएमएफ को संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न देशों के दूतावासों/उच्चायोगों के साथ मिलकर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने का सम्मान प्राप्त है।









