Pulses Price Hike: त्योहारी सीजन से पहले खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सब्जियों, खाद्य तेल और दूसरी जरूरी चीजों के बाद अब दालों के थोक भाव में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में उड़द, अरहर और मसूर की कीमतों में उछाल का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार तक पहुंच रहा है।
खास तौर पर 24 अगस्त 2026 को मसूर की कीमत में एक दिन में 35 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं, 23 अगस्त को उड़द और अरहर के थोक भाव में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई थी।
उड़द दाल के दाम में एक दिन में 15% से ज्यादा तेजी
रविवार, 23 अगस्त को थोक मंडियों में साबुत उड़द की कीमत में करीब 15.29 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। इसके बाद इसका औसत थोक भाव बढ़कर 10,238 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया।
कुछ मंडियों में उड़द के भाव 13,000 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किए गए। थोक बाजार में आई इस तेजी का असर अब खुदरा बाजार और पैकेज्ड दालों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है।
स्थानीय बाजारों में खुली साबुत और धुली उड़द करीब 120 से 150 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। वहीं, पैकेज्ड दाल की कीमत ब्रांड और बाजार के हिसाब से अलग-अलग है।
अरहर दाल भी हुई महंगी
उड़द के साथ-साथ अरहर दाल के भाव में भी 23 अगस्त को तेज उछाल आया। थोक मंडियों में इसकी कीमत करीब 19.51 फीसदी बढ़ी और औसत थोक भाव 9,050 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया।
कुछ बाजारों में अरहर का भाव 13,000 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। इसका असर खुदरा बाजार में भी नजर आ रहा है।
स्थानीय दुकानों में खुली अरहर दाल की कीमत 140 से 160 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है, जबकि पैकेज्ड अरहर दाल कई जगहों पर करीब 175 से 195 रुपये प्रति किलो के दायरे में उपलब्ध है।
मसूर दाल ने बढ़ाई सबसे ज्यादा चिंता
दालों की कीमतों में सबसे बड़ी तेजी मसूर में देखने को मिली है। 24 अगस्त 2026 को प्रमुख थोक बाजारों में मसूर के भाव में एक दिन में करीब 35.28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
इस उछाल के बाद मसूर का औसत थोक भाव बढ़कर 10,672 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। कुछ मंडियों में इसके दाम 12,700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए।
थोक बाजार की तेजी का असर खुदरा कीमतों पर पड़ने की आशंका है। फिलहाल खुले बाजार में मसूर करीब 110 से 130 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बताई जा रही है, जबकि पैकेज्ड मसूर दाल की कीमत करीब 140 से 149 रुपये प्रति किलो के बीच है।
दालों की कीमत बढ़ने का आम आदमी पर क्या असर?
दाल भारतीय घरों के रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है। इसलिए थोक बाजार में कीमत बढ़ने के बाद खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ सकता है।
खासकर त्योहारी सीजन में जब घरों में खाद्य वस्तुओं की खरीद बढ़ जाती है, उस समय दालों के महंगे होने से मध्यम वर्ग के परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है।
हालांकि थोक और खुदरा कीमतों के बीच अंतर कई कारकों पर निर्भर करता है और मंडी, गुणवत्ता, ब्रांड तथा क्षेत्र के अनुसार दाम अलग हो सकते हैं।
Pulses Price Hike: एक नजर में
| दाल | थोक भाव में तेजी | औसत थोक भाव |
|---|---|---|
| उड़द | 15.29% | ₹10,238/क्विंटल |
| अरहर | 19.51% | ₹9,050/क्विंटल |
| मसूर | 35.28% | ₹10,672/क्विंटल |
नोट: खुदरा और पैकेज्ड दालों की कीमतें शहर, दुकान, ब्रांड और गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
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दालों की कीमतों में अचानक आई तेजी के बीच आने वाले दिनों में खुदरा बाजार पर नजर रहेगी। अगर थोक कीमतों में बढ़ोतरी बनी रहती है तो इसका असर किराना दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली पैकेज्ड दालों पर भी बढ़ सकता है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए उपभोक्ताओं के लिए दालों की कीमतों में यह उछाल घरेलू बजट के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गया है।







