जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल लोचब के मामले में राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायत के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद उसकी कॉपी कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी उपलब्ध कराई गई। इससे पहले राहुल गांधी साहिल लोचब को साथ लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे थे और मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक पैलेट गन मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- धारा 118: खतरनाक हथियार या साधन के जरिए जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित।
- धारा 125: किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से संबंधित।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। अब जांच के दौरान घटना से जुड़े लोगों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जाएगी।
राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठे
एफआईआर दर्ज होने से पहले राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब के साथ दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और इस मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी।
पुलिस से जानकारी लेने के बाद राहुल गांधी थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, वह वहीं रहेंगे।
राहुल गांधी के धरने की जानकारी मिलने के बाद कई कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे। इनमें प्रियंका गांधी, रणदीप सुरजेवाला, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश समेत कई नेता शामिल रहे।
साहिल लोचब को लेकर थाने पहुंचे राहुल
राहुल गांधी अपने साथ पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचब को भी लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे। कांग्रेस की ओर से लगातार इस मामले में पुलिस कार्रवाई और जवाबदेही की मांग की जा रही थी।
राहुल गांधी इससे पहले भी इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से सवाल कर चुके हैं। कांग्रेस नेता का कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति किस स्तर पर दी गई, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए।
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अब जांच के दौरान सामने आएगा पूरा घटनाक्रम
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियों की जांच करने की जिम्मेदारी है। चूंकि प्राथमिकी में फिलहाल किसी व्यक्ति का नाम नहीं है, इसलिए जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में बताए गए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।








