Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर अपनी तैयारियों पर महत्वपूर्ण रुख स्पष्ट कर दिया है। आयोग का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर कराना संभव नहीं है। आयोग के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम 90 दिनों की आवश्यकता होगी।
इस बीच चुनाव में देरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष राज्य सरकार पर चुनाव टालने के आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
31 जुलाई तक चुनाव कराना मुश्किल
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर सबसे बड़ी चुनौती आरक्षण प्रक्रिया को समय पर पूरा करना है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जब तक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिला वर्ग के लिए आरक्षण का अंतिम निर्धारण नहीं हो जाता, तब तक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया जा सकता।
आयोग ने पंचायती राज विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि आरक्षण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया था 31 जुलाई तक चुनाव कराने का निर्देश
राजस्थान हाई कोर्ट ने 22 मई को अपने आदेश में राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे।
हालांकि अब तक OBC आरक्षण को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार, OBC आयोग की रिपोर्ट अगस्त के मध्य तक आने की संभावना है। इसके बाद राज्य सरकार को आरक्षण अधिसूचना जारी करने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता होगी।
आयोग ने बताया क्यों चाहिए 90 दिन
निर्वाचन आयोग का कहना है कि चुनाव केवल अधिसूचना जारी करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मतदाता सूची, नामांकन, मतदान केंद्रों की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और मतदान कर्मियों की नियुक्ति जैसी कई प्रक्रियाओं को पूरा करना होता है।
आयोग के प्रस्ताव के अनुसार:
- पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे।
- नगर निकाय चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे।
- पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में लगभग 50 दिन लगेंगे।
- नगर निकाय चुनाव कराने में करीब 40 दिन का समय लगेगा।
यानी आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी चुनाव संपन्न कराने में लगभग 90 दिनों का समय लगेगा।
पहले पंचायत चुनाव होंगे या निकाय?
फिलहाल यह तय नहीं किया गया है कि पहले पंचायत चुनाव होंगे या नगर निकाय चुनाव। आयोग का कहना है कि अंतिम निर्णय परिस्थितियों, प्रशासनिक तैयारियों और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव होगी।
राजनीतिक सरगर्मियां तेज
चुनाव में संभावित देरी को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार चुनाव टालने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि संगठन स्तर पर उसकी पूरी तैयारी है और वह किसी भी समय चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
अब सभी की नजर OBC आयोग की रिपोर्ट और राज्य सरकार द्वारा आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने पर टिकी है। इसके बाद ही राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव की नई समय-सीमा स्पष्ट हो सकेगी।








