केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत लागू किए जा रहे “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” यानी VB-G RAM G Act 2025 के अंतर्गत नई मजदूरी दरों की घोषणा कर दी है। संशोधित वेतन दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो गई हैं।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ाना, क्षेत्रीय वेतन असमानताओं को कम करना और रोजगार सुरक्षा को मजबूत करना है।
पहली बार तय हुई 300 रुपये की बेस वेज
नई अधिसूचना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार ने 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम न्यूनतम मजदूरी दर लागू की है। इसका मतलब है कि अब इस योजना के तहत किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी।
इससे पहले कई राज्यों में मजदूरी दरें 250 रुपये से भी नीचे थीं। नई व्यवस्था के बाद कम मजदूरी वाले राज्यों को सीधे राहत मिलेगी।
राष्ट्रीय औसत मजदूरी में बड़ा इजाफा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- औसत मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है
- औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है
- देशभर में 10 प्रतिशत से ज्यादा की औसत वृद्धि दर्ज की गई है
सरकार का दावा है कि यह ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों के इतिहास में सबसे बड़े वेतन संशोधनों में से एक है।

किन राज्यों को सबसे ज्यादा फायदा?
नई मजदूरी नीति का सबसे अधिक लाभ उन राज्यों को मिला है जहां पहले मजदूरी दरें कम थीं।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी वाले राज्य
- अरुणाचल प्रदेश
- नागालैंड
इन राज्यों में मजदूरी में लगभग 24.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।
इसके अलावा:
- बिहार
- उत्तर प्रदेश
- झारखंड
- मध्य प्रदेश
- ओडिशा
- पश्चिम बंगाल
- असम
जैसे राज्यों में भी मजदूरी दरों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
ज्यादा मजदूरी वाले राज्यों में भी बढ़ोतरी
जिन राज्यों में पहले से मजदूरी दरें अधिक थीं, वहां भी संशोधन लागू किया गया है।
अब सबसे ज्यादा मजदूरी वाले राज्य
- हरियाणा – ₹409 प्रतिदिन
- गोवा – ₹406 प्रतिदिन
- केरलम – ₹401 प्रतिदिन
- सिक्किम (कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्र) – ₹450 प्रतिदिन
सरकार ने क्या कहा?
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि:
- रोजगार गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाया गया है
- मजदूरी दरों में ऐतिहासिक सुधार किया गया है
- सबसे ज्यादा लाभ उन क्षेत्रों को दिया गया है जहां मजदूरी पहले कम थी
सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय और क्रय क्षमता दोनों में सुधार होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ी हुई मजदूरी दरों से:
- ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह बढ़ेगा
- स्थानीय रोजगार मजबूत होगा
- मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा बेहतर होगी
- ग्रामीण विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी
इसके अलावा ग्रामीण परिवारों की खरीद क्षमता बढ़ने से स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
125 दिनों की रोजगार गारंटी
VB-G RAM G Act 2025 के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों तक गारंटीड रोजगार देने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि बढ़ी हुई मजदूरी और विस्तारित रोजगार गारंटी मिलकर:
- गरीबी कम करने
- ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने
- समावेशी विकास को बढ़ावा देने
में अहम भूमिका निभाएंगे।
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विकसित भारत 2047 विजन से जुड़ा कदम
सरकार ने इस फैसले को “विकसित भारत 2047” विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की आर्थिक प्रगति का लाभ गांवों और ग्रामीण परिवारों तक समान रूप से पहुंचे।








