बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव पद के लिए हुए चुनाव में एक बार फिर जीत दर्ज की है। उन्होंने इस बार अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद संजीव बालियान को कड़े मुकाबले में हराया। रूडी पिछले 25 वर्षों से इस पद पर बने हुए हैं और इस बार भी उन्होंने अपना दबदबा कायम रखा।
सभी दलों के समर्थन से मिली जीत
चुनाव के नतीजे आने के बाद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे पैनल की है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और निर्दलीय सांसदों समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें समर्थन दिया। उन्होंने कहा, “मैं 100 से ज़्यादा वोटों से जीता हूं, और अगर इसे 1000 से गुणा किया जाए तो यह 1 लाख बनता है। यह मेरे काम का परिणाम है।”
चुनाव में दिग्गजों की मौजूदगी
12 अगस्त को हुए इस चुनाव में देश की राजनीति के कई बड़े चेहरों ने भाग लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जैसे नेता भी मतदान करने पहुंचे। कुल 707 वोट डाले गए, जिनमें से 38 वोट बैलेट पेपर के माध्यम से पड़े।
कांटे की टक्कर, अंतिम राउंड में बनी बढ़त
गिनती के दौरान मुकाबला काफी रोचक रहा। शुरू के पांच राउंड में दोनों उम्मीदवारों के बीच बराबरी का संघर्ष देखने को मिला। लेकिन 13वें राउंड में रूडी ने निर्णायक बढ़त बनाई और अंततः विजय प्राप्त की।

भीतरघात और राजनीतिक रणनीति बनी चर्चा का विषय
एक ही पार्टी के दो नेताओं के बीच चुनावी मुकाबला होने से यह चुनाव और भी दिलचस्प हो गया था। चुनाव से पहले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि इस बार बदलाव होगा और संजीव बालियान नए सचिव बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि क्लब केवल सांसदों, पूर्व सांसदों और उनके परिवारों के लिए होना चाहिए।
लोकतंत्र की झलक
रूडी ने चुनाव के बाद कहा, “यह सिर्फ एक चुनाव नहीं था, बल्कि लोकतंत्र की एक मिसाल थी। सभी दलों ने मिलकर एक सकारात्मक वातावरण में चुनाव को सफल बनाया।”
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कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव पद का यह चुनाव न सिर्फ एक संगठनात्मक भूमिका का चयन था, बल्कि इसमें भारतीय राजनीति की व्यापक झलक भी देखने को मिली।









