भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आम ग्राहकों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट (BSBD) यानी जीरो बैलेंस अकाउंट के नियमों में व्यापक बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को अब पहले से अधिक सुविधाएँ मिलेंगी और कई शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे 7 दिनों के भीतर इन बदलावों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू करें।
अब मिलेगी अनलिमिटेड डिपॉज़िट की सुविधा
नए नियमों के तहत ग्राहक हर महीने कितनी भी बार अपने BSBD खाते में पैसा जमा कर सकेंगे। जमा पर कोई सीमा या शुल्क नहीं लगेगा। इसके साथ ही एटीएम और डेबिट कार्ड का उपयोग बिना किसी वार्षिक शुल्क के मुफ्त रहेगा।
हर साल 25 पन्नों की फ्री चेकबुक
RBI ने निर्देश दिया है कि BSBD खाता धारकों को हर साल कम से कम 25 पन्नों की चेकबुक मुफ्त दी जाए। साथ ही इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, पासबुक या मंथली स्टेटमेंट भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध होंगे।
फ्री कैश विड्रॉल: अब क्या बदला?
नया नियम यह अनिवार्य करता है कि बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने कम से कम चार मुफ्त कैश विड्रॉल की सुविधा दें। इसमें—
- बैंक के खुद के ATM,
- दूसरे बैंक के ATM,
- बैंक शाखाओं से निकासी—
सभी शामिल होंगे।
महत्वपूर्ण बात यह है कि UPI, NEFT, RTGS, IMPS जैसे डिजिटल ट्रांजैक्शन को ‘विड्रॉल’ नहीं माना जाएगा, यानी इन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
मौजूदा ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
- जो ग्राहक पहले से BSBD खाता चला रहे हैं, वे इन नई सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए बैंक में अनुरोध कर सकते हैं।
- वहीं, साधारण सेविंग्स अकाउंट वाले ग्राहक चाहे तो अपने खाते को BSBD खाते में बदल सकते हैं, बशर्ते उनके किसी अन्य बैंक में सेविंग खाता न हो।
कब से लागू होंगे नए नियम?
RBI ने घोषणा की है कि यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। हालाँकि, बैंक चाहें तो इसे इससे पहले भी लागू कर सकते हैं।
परिवर्तन का उद्देश्य
RBI का लक्ष्य BSBD खातों तक अधिक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि समाज के हर वर्ग को कम लागत वाली और आसान बैंकिंग सुविधाएं मिल सकें।
ये नियम—
- लोकल एरिया बैंक,
- ग्रामीण व शहरी को-ऑपरेटिव बैंक,
- स्मॉल फाइनेंस बैंक,
- पेमेंट बैंक,
- और सभी कमर्शियल बैंकों पर लागू होंगे।
एक नज़र में मुख्य बदलाव
- हर महीने कम से कम 4 मुफ्त कैश विड्रॉल
- चार्ज-मुक्त UPI, NEFT, RTGS, IMPS
- साल में 25 पन्नों की फ्री चेकबुक
- फ्री इंटरनेट व मोबाइल बैंकिंग
- फ्री पासबुक या मंथली स्टेटमेंट
- एटीएम/डेबिट कार्ड पर कोई वार्षिक शुल्क नहीं
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RBI का यह कदम वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और ग्राहकों को सरल, सुलभ व पारदर्शी बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









