पंचायती राज मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। इस संबंध में 3 सितंबर 2026 को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय की संयुक्त सचिव पलका साहनी ने की। इस दौरान राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान से जुड़े विभिन्न कार्यों की स्थिति पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई।
RGSA के तहत खर्च की हुई समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत अब तक हुए व्यय और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और निर्धारित गतिविधियों को समय पर पूरा करने से संबंधित जानकारी साझा की गई।
मंत्रालय और राज्यों के बीच नियमित समन्वय के जरिए योजना के तहत स्वीकृत गतिविधियों को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर फोकस
समीक्षा बैठक में क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण (CB&T) गतिविधियों की प्रगति भी प्रमुख चर्चा का विषय रही। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों और अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया।
स्थानीय स्तर पर पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलती है।
वार्षिक कार्ययोजना की भी हुई समीक्षा
अधिकारियों के साथ वार्षिक कार्ययोजना से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य योजनाबद्ध तरीके से RGSA की गतिविधियों को आगे बढ़ाना और राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करना रहा।
GPDP की तैयारी और अपलोडिंग पर चर्चा
बैठक में ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDPs) की तैयारी और उन्हें संबंधित प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जाने की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
GPDP के जरिए ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों और विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करती हैं। इसलिए इन योजनाओं को समय पर तैयार करने और अपलोड करने की प्रक्रिया को पंचायत स्तर की विकास गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय पर जोर
बैठक के दौरान पंचायती राज मंत्रालय और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अधिकारियों के बीच नियमित समीक्षा से योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों की पहचान करने और उनका समयबद्ध समाधान करने में मदद मिल सकती है।
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मंत्रालय और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के बीच बेहतर तालमेल से RGSA, क्षमता निर्माण, वार्षिक कार्ययोजना और GPDP से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाने का लक्ष्य है।








