Satya Pal Malik Death News: पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का 77 साल की उम्र में निधन हो गया है। जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती थे। उनके परिवार के अनुसार, मंगलवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पहलगाम हमले पर दिया था ये बयान
अब सत्यपाल मलिक का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पहलगाम अटैक को लेकर सरकार पर हमला बोला था। पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी जिसके बाद वो सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हुए थे।
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क्यों हुआ था विवाद?
सत्यपाल मलिक ने 6 मई को एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में पहलगाम हमले को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों और सुरक्षा इंतज़ामों पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि इस हमले के लिए सरकार जिम्मेदार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री को डरपोक तक कह दिया था।
पाकिस्तानी मीडिया ने किया था इस्तेमाल
उनके इस बयान को पाकिस्तान की मीडिया ने हाथों-हाथ लिया और उसे भारत पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल किया। इसके बाद सत्यपाल मलिक को भारत में काफी आलोचना झेलनी पड़ी और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग शुरू हो गई।
सत्यपाल मलिक ने ट्रोलिंग पर दी प्रतिक्रिया
सत्यपाल मलिक ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, ‘नमस्कार साथियों… बहुत से लोग मुझे सोशल मीडिया पर टारगेट कर रहे हैं, मेरे खिलाफ अनाप-शनाप लिख रहे हैं। मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान क़ौम का बेटा हूं, बागी हो सकता हूं लेकिन गद्दार कभी नहीं हो सकता। मैंने जिंदगी में सत्ता के सामने झुकना नहीं सीखा। मेरे सवाल आज भी सत्ता से वही हैं।’
ऑपरेशन सिंदूर के बाद दिया सेना को समर्थन
हालांकि, इसी इंटरव्यू के कुछ ही घंटों बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, जिसमें कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इस कार्रवाई के बाद सत्यपाल मलिक ने सेना के साहस की सराहना की और सरकार व सेना के साथ एकजुटता जताई।









