जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय जैसे राज्यों के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का 5 अगस्त 2025, मंगलवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
सत्यपाल मलिक 77 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती थे। उनके परिवार के अनुसार, मंगलवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लंबा और विविधतापूर्ण राजनीतिक सफर
सत्यपाल मलिक का राजनीतिक जीवन पांच दशकों से अधिक लंबा रहा। वे भारतीय जनता पार्टी सहित कई दलों से जुड़े रहे और विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे। वे जम्मू-कश्मीर के आखिरी पूर्ण राज्यपाल थे और अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा वे गोवा और मेघालय जैसे राज्यों के भी राज्यपाल रहे। अपने स्पष्ट वक्तव्यों और बेबाकी के लिए जाने जाने वाले मलिक अक्सर चर्चा में रहते थे। किसानों के मुद्दों, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर उन्होंने खुलकर सरकारों की आलोचना भी की थी।
राजनीतिक हलकों में शोक
उनके निधन पर कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विपक्षी नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई अहम भूमिकाएं निभाईं और निष्ठा से देश की सेवा की।”
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अंतिम संस्कार की तैयारी
परिवार के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक गांव, बागपत (उत्तर प्रदेश) ले जाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।









