• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Saturday, June 27, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home धर्म

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के इन प्रावधानों पर लगाया रोक

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 (वक्फ कानून) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतरिम फैसला सुनाया।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
15 September 2025
in धर्म, भारत
0
SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, SIR को दी संवैधानिक मान्यता - Panchayati Times

सुप्रीम कोर्ट

Share on FacebookShare on Twitter

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 (वक्फ कानून) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतरिम फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की दो जजों की बेंच ने स्पष्ट किया कि पूरे वक्फ कानून को स्थगित करने का कोई आधार नहीं बनता। हालांकि, कोर्ट ने कुछ विवादित प्रावधानों पर अस्थायी रोक जरूर लगाई है।

पांच साल तक मुस्लिम होने की अनिवार्यता पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने उस प्रावधान पर रोक लगा दी है, जिसमें वक्फ संपत्ति बनाने के लिए कम से कम पांच वर्षों से इस्लाम धर्म का पालन कर रहे व्यक्ति होने की शर्त रखी गई थी। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया अनुचित मानते हुए कहा कि इससे धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों का हनन हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के इन प्रावधानों पर लगाया रोक - Panchayati Times
सुप्रीम कोर्ट

भूमि विवाद में कलेक्टर की भूमिका सीमित

अदालत ने उस प्रावधान को भी निलंबित कर दिया, जिसके तहत सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी यह तय कर सकता था कि कोई संपत्ति वक्फ है या सरकारी जमीन पर अतिक्रमण। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों का निपटारा केवल न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में होना चाहिए, न कि कार्यपालिका के।

वक्फ बोर्ड्स में गैर-मुस्लिमों की भूमिका पर दिशा-निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड्स में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित संशोधन पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन यह स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां तक संभव हो, वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एक मुस्लिम ही होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय वक्फ परिषद के 22 में से अधिकतम चार सदस्य ही गैर-मुस्लिम हो सकते हैं, जबकि राज्य वक्फ बोर्ड्स में गैर-मुस्लिमों की संख्या पहले से निर्धारित सीमा के भीतर ही रहनी चाहिए।

विवादित संपत्तियों पर थर्ड पार्टी राइट पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई रोक नहीं लगाई, लेकिन यह निर्देश दिया कि जिन संपत्तियों पर विवाद चल रहा है, उनमें हाईकोर्ट के अंतिम फैसले तक किसी तीसरे पक्ष को अधिकार नहीं दिया जाएगा। इससे उन मामलों में कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी प्रकार की छेड़छाड़ रोकी जा सकेगी।

अन्य महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ

  • कोर्ट ने वक्फ अधिनियम की धारा 108A को हटाने के निर्णय को सही ठहराया है, जिसमें वक्फ कानून को अन्य कानूनों से ऊपर माना जाता था।
  • जनजातीय जमीनों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

न्यायिक संतुलन की मिसाल

मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि अदालत कानून की संवैधानिकता को मानने की पूर्व धारणा से काम करती है और केवल दुर्लभ मामलों में ही संपूर्ण कानून पर रोक लगाई जा सकती है। अदालत ने माना कि याचिकाएं पूरे अधिनियम को चुनौती दे रही थीं, लेकिन आपत्तियाँ मुख्य रूप से कुछ विशेष धाराओं तक सीमित थीं।

आगे की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई को इन मामलों पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था। अब, इन याचिकाओं की अंतिम सुनवाई तक उपरोक्त प्रावधानों पर अंतरिम रोक जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें: आजादी के इतने सालों के बाद इस राज्य की राजधानी रेलवे नेटवर्क से जुड़ा

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला वक्फ कानून को लेकर जारी बहस में संतुलन की एक मिसाल बनकर सामने आया है। अदालत ने जहां संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की, वहीं वक्फ संपत्तियों के प्रशासन को बाधित होने से भी रोका। अब सभी की निगाहें अंतिम सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें इस कानून की वैधता पर अंतिम निर्णय आएगा।

Tags: वक्फ कानूनसुप्रीम कोर्ट
Previous Post

मेरठ में पहली बार आयोजित हुआ ओरिएन्टियरिंग टूर्नामेंट, युवाओं में जगी नई खेल चेतना

Next Post

स्किलहब ऑनलाइन गेम्स फेडरेशन (SOGF) बना इंटरनेशनल ईस्पोर्ट्स फेडरेशन (IESF) और ग्लोबल ईस्पोर्ट्स फेडरेशन (GEF) का सदस्य; लोकेश सुजी के ESFI की ली जगह

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

1 जुलाई से बदल जाएंगे कई बड़े वित्तीय नियम, जानिए आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या होगा असर? - Panchayati Times
बिज़नेस

1 जुलाई से बदल जाएंगे कई बड़े वित्तीय नियम, जानिए आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या होगा असर?

26 June 2026
ऑपरेशन सिंदूर के 6 अमर वीरों को राष्ट्रीय सम्मान, नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज होंगे शहीदों के नाम - Panchayati Times
भारत

ऑपरेशन सिंदूर के 6 अमर वीरों को राष्ट्रीय सम्मान, नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज होंगे शहीदों के नाम

26 June 2026
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा - Panchayati Times
भारत

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा 

26 June 2026
यूपी बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल: नई टीम का हुआ ऐलान - Panchayati Times
भारत

यूपी बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल: नई टीम का हुआ ऐलान 

25 June 2026
राशन व्यवस्था में होने जा बड़ा बदलाव, केंद्र सरकार ने जारी किया मसौदा - Panchayati Times
भारत

राशन व्यवस्था में होने जा बड़ा बदलाव, केंद्र सरकार ने जारी किया मसौदा

24 June 2026
George Kurian Resignation: मोदी सरकार में मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा - Panchayati Times
भारत

George Kurian Resignation: मोदी सरकार में मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा

23 June 2026
Next Post
स्किलहब ऑनलाइन गेम्स फेडरेशन (SOGF) बना इंटरनेशनल ईस्पोर्ट्स फेडरेशन (IESF) और ग्लोबल ईस्पोर्ट्स फेडरेशन (GEF) का सदस्य; लोकेश सुजी के ESFI की ली जगह - Panchayati Times

स्किलहब ऑनलाइन गेम्स फेडरेशन (SOGF) बना इंटरनेशनल ईस्पोर्ट्स फेडरेशन (IESF) और ग्लोबल ईस्पोर्ट्स फेडरेशन (GEF) का सदस्य; लोकेश सुजी के ESFI की ली जगह

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (38)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (224)
  • खेल (552)
  • जुर्म (328)
  • दुनिया (342)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (136)
  • पंचायत (295)
  • बिज़नेस (273)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,712)
  • मनोरंजन (301)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,087)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (171)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

Welcome To The Jungle Box Office Collection: पहले दिन हुई धमाकेदार शुरुआत - Panchayati Times

Welcome To The Jungle Box Office Collection: पहले दिन हुई धमाकेदार शुरुआत

26 June 2026
1 जुलाई से बदल जाएंगे कई बड़े वित्तीय नियम, जानिए आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या होगा असर? - Panchayati Times

1 जुलाई से बदल जाएंगे कई बड़े वित्तीय नियम, जानिए आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या होगा असर?

26 June 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved