Swift Telescope: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने महत्वपूर्ण स्विफ्ट टेलीस्कोप को बचाने के लिए विशेष मिशन की तैयारी कर रही है। करीब दो दशक से अंतरिक्ष में सक्रिय यह वेधशाला अब धीरे-धीरे अपनी निर्धारित कक्षा से नीचे आ रही है। यदि समय रहते इसकी ऑर्बिट को ऊंचा नहीं किया गया, तो भविष्य में यह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर नष्ट हो सकती है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, स्विफ्ट आज भी अंतरिक्ष से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा भेज रहा है। यही कारण है कि नासा इसकी सेवा अवधि बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
क्यों खास है स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप?
साल 2004 में लॉन्च किया गया स्विफ्ट टेलीस्कोप ब्रह्मांड में होने वाली अत्यंत ऊर्जावान घटनाओं की निगरानी करता है। इसका मुख्य कार्य Gamma-Ray Bursts (GRBs), सुपरनोवा विस्फोट, न्यूट्रॉन तारों और अन्य रहस्यमयी खगोलीय घटनाओं का अध्ययन करना है।
स्विफ्ट से प्राप्त आंकड़े खगोल वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की उत्पत्ति, तारों के विकास और अत्यधिक ऊर्जा वाले विस्फोटों को बेहतर तरीके से समझने में मदद करते हैं।

क्यों घट रही है इसकी कार्यक्षमता?
करीब 20 वर्षों तक लगातार संचालन के बाद स्विफ्ट के कई सिस्टम उम्र का असर दिखाने लगे हैं।
मुख्य चुनौतियां:
- बैटरी की क्षमता पहले से कम हो गई है।
- सोलर पैनल्स की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में गिरावट आई है।
- ऑर्बिट को बनाए रखने के लिए आवश्यक नियंत्रण सीमित होता जा रहा है।
इन कारणों से टेलीस्कोप धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर खिसक रहा है।
ऑर्बिट बढ़ाने के लिए चलेगा विशेष मिशन
नासा ने स्विफ्ट की कक्षा को दोबारा ऊंचा करने के लिए निजी अंतरिक्ष कंपनी के साथ मिलकर एक विशेष मिशन की योजना बनाई है। इस मिशन में टेलीस्कोप तक एक विशेष प्रणोदन (Booster) प्रणाली पहुंचाई जाएगी, जिससे उसकी ऑर्बिट को सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाया जा सके।
यदि यह अभियान सफल रहता है, तो स्विफ्ट कई वर्षों तक वैज्ञानिक अनुसंधान जारी रख सकता है।
क्या होगा इस मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिशन भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक नया मॉडल साबित हो सकता है। यदि किसी पुराने उपग्रह या स्पेस टेलीस्कोप की कक्षा सफलतापूर्वक बदली जाती है, तो भविष्य में कई महंगे वैज्ञानिक मिशनों की उम्र बढ़ाई जा सकती है।
यह तकनीक अंतरिक्ष में मौजूद अन्य महत्वपूर्ण उपग्रहों के रखरखाव का रास्ता भी खोल सकती है।
हबल टेलीस्कोप के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत
स्विफ्ट के अलावा नासा का प्रतिष्ठित Hubble Space Telescope भी कई दशकों से अंतरिक्ष में कार्यरत है। भविष्य में यदि उसकी कक्षा या तकनीकी स्थिति प्रभावित होती है, तो ऐसे मिशनों से मिले अनुभव उसके संरक्षण में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
नासा की प्राथमिकता क्यों बना स्विफ्ट?
नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार, स्विफ्ट आज भी उच्च गुणवत्ता वाला वैज्ञानिक डेटा उपलब्ध करा रहा है। इसलिए उसे समय से पहले खोना अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए बड़ी क्षति होगी। एजेंसी का लक्ष्य है कि आवश्यक तकनीकी सुधार करके इसे सुरक्षित कक्षा में बनाए रखा जाए और इसकी वैज्ञानिक सेवाओं को लंबे समय तक जारी रखा जाए।
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स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप केवल एक पुराना उपग्रह नहीं, बल्कि आधुनिक खगोल विज्ञान की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संपत्ति है। इसकी कक्षा को सुरक्षित रखने का प्रयास न केवल इस मिशन को नया जीवन देगा, बल्कि भविष्य में अंतरिक्ष में मौजूद अन्य वैज्ञानिक उपकरणों के रखरखाव के लिए भी नई संभावनाएं पैदा करेगा। यदि यह अभियान सफल होता है, तो यह अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी।








