तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य की सभी 12,706 ग्राम पंचायतों के लिए विशेष विकास निधि देने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत बड़ी ग्राम पंचायतों को 10 लाख रुपये और छोटी ग्राम पंचायतों को 5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। यह फंड केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली नियमित सहायता के अतिरिक्त होगा और नए साल में जारी किया जाएगा।
सरपंचों के सम्मान समारोह में घोषणा
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा बुधवार को नारायणपेट जिले के कोस्गी में आयोजित कोडंगल विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित सरपंचों के सम्मान समारोह के दौरान की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निधि के माध्यम से ग्राम पंचायतों को यह विशेष सहायता दी जा रही है, ताकि गांवों के विकास को नई गति मिल सके और सरपंचों का सम्मान भी बढ़े।
कोडंगल को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने का संकल्प
सीएम रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि उनका लक्ष्य कोडंगल विधानसभा क्षेत्र को देश के आदर्श निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल करना है।इसके लिए क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि शिक्षित युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि चुनाव अब समाप्त हो चुके हैं और विकास के रास्ते में राजनीतिक मतभेदों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। सभी जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
सरपंचों से एकजुट होकर काम करने की अपील
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसी के साथ भेदभाव न करें और आपसी मतभेदों को विकास में बाधा न बनने दें। उन्होंने कहा कि गांवों के बीच वैमनस्य को दूर रखते हुए हर गांव के समग्र विकास पर ध्यान देना जरूरी है।
पंचायतों के लिए 3,000 करोड़ रुपये का भरोसा
रेवंत रेड्डी ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक पंचायतों के लिए 3,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी वे स्वयं लेंगे।
शिक्षा और जनकल्याण पर जोर
सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में सुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
इसके साथ ही पात्र लोगों को नए राशन कार्ड, महीन चावल, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, किसान भरोसा योजना और महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिलाओं के लिए इंदिरम्मा साड़ी योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हर महिला को इंदिरम्मा साड़ी देने का लक्ष्य रखा गया है। जिन महिलाओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें सरपंचों द्वारा सूची में शामिल किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की यह घोषणा ग्रामीण विकास, शिक्षा और सामाजिक कल्याण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।









