भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि पड़ोसी देश की ओर अब भी कई आतंकी प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय हैं और भारतीय सेना उनकी हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इन ठिकानों से भारत के खिलाफ किसी भी प्रकार की उकसाने वाली कोशिश हुई, तो सेना निर्णायक जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी।
सेना प्रमुख के अनुसार, खुफिया सूचनाओं से यह संकेत मिले हैं कि कुल आठ आतंकी ट्रेनिंग कैंप फिलहाल सक्रिय हैं। इनमें से कुछ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास जबकि शेष एलओसी के आसपास मौजूद हैं। अनुमान है कि इन केंद्रों में बड़ी संख्या में आतंकी प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेना और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ इन पर निगरानी कर रही हैं।
जनरल द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया सैन्य अभियान के बाद भी सेना की तैयारी में कोई ढील नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। सेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
उन्होंने जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच हुई बातचीत में यह सहमति बनी थी कि तनाव के दौरान की गई अतिरिक्त फॉरवर्ड तैनाती को कम किया जाएगा। इसके तहत सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाए गए सैनिकों और संसाधनों को अब पहले से तय ठिकानों पर वापस ले जाया गया है।
परमाणु हथियारों को लेकर उठे सवालों पर सेना प्रमुख ने साफ किया कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि परमाणु संबंधी बयान राजनीतिक या सार्वजनिक मंचों से आए हैं, सेना की ओर से ऐसा कोई संदेश नहीं दिया गया।
जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि यह पहली बार था जब भारत ने पारंपरिक और परमाणु युद्ध के बीच की रणनीतिक क्षमता का प्रभावी उपयोग करते हुए कार्रवाई की। इससे यह संदेश गया है कि भारत हर स्तर पर जवाब देने की ताकत रखता है।
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ऑपरेशन सिंदूर को बड़ी सफलता बताते हुए उन्होंने कहा कि तय किए गए नौ में से सात प्रमुख लक्ष्यों को पूरी तरह नष्ट किया गया। यह अभियान मई के पहले सप्ताह में चलाया गया और इसके बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला है। सेना प्रमुख ने भरोसा जताया कि भविष्य में भी देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।









