देश में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसका सीधा असर आम घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। सरकार के अनुसार, कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, ढाबों और औद्योगिक क्षेत्रों में होता है और इनके दाम पूरी तरह बाजार आधारित होते हैं।
सरकार ने बताया कि देश में कुल एलपीजी खपत में कमर्शियल सिलेंडरों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में इनकी कीमतों में वृद्धि का असर सीमित दायरे में ही रहेगा। यह भी कहा गया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार तय होते हैं।
अंतरराष्ट्रीय कारणों से बढ़े दाम
1 अप्रैल को कीमतों में हुई बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक स्तर पर एलपीजी की कीमतों में उछाल को मुख्य कारण बताया गया है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में आपूर्ति प्रभावित होने से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा है।
ऑयल कंपनियों पर बढ़ा बोझ
सरकार के मुताबिक, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियां फिलहाल नुकसान झेल रही हैं। बताया गया कि हर घरेलू सिलेंडर पर कंपनियों को लगभग 380 रुपये का घाटा हो रहा है। अनुमान है कि यह कुल नुकसान मई के अंत तक काफी बढ़ सकता है। पिछले वर्ष भी अंतरराष्ट्रीय कीमतों के दबाव को कम करने के लिए सरकार और कंपनियों ने मिलकर बड़ा वित्तीय बोझ उठाया था।
पड़ोसी देशों से तुलना
सरकार ने यह भी कहा कि भारत में एलपीजी की कीमतें अभी भी पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल की तुलना में नियंत्रित स्तर पर हैं, जहां कीमतें अपेक्षाकृत अधिक हैं।
कीमतों में ताजा बढ़ोतरी
तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 2078.50 रुपये हो गई है। अन्य महानगरों में भी कीमतों में इजाफा देखा गया है, जिसमें कोलकाता, मुंबई और चेन्नई शामिल हैं। पिछले एक महीने में ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कुल मिलाकर 300 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश जारी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर कमर्शियल क्षेत्र पर अधिक पड़ रहा है। आने वाले समय में वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में और बदलाव संभव हैं।









