आज से देश में नए इनकम टैक्स नियम लागू हो गए हैं। केंद्र सरकार ने बजट 2026 के जरिए टैक्स सिस्टम को सरल बनाने के उद्देश्य से नए नियम लागू किए हैं। हालांकि इन बदलावों का असर अलग-अलग वर्गों पर अलग तरीके से पड़ने वाला है—कहीं राहत मिलेगी तो कहीं खर्च बढ़ सकता है।
डेरिवेटिव ट्रेडिंग हुई महंगी
शेयर बाजार में फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए लागत बढ़ गई है। सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में वृद्धि की है।
- फ्यूचर ट्रेड पर STT अब 0.02% से बढ़कर 0.05% हो गया है।
- ऑप्शन ट्रेड पर यह 0.1% से बढ़कर 0.15% कर दिया गया है।
इस बदलाव के बाद डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेडिंग पहले की तुलना में महंगी हो जाएगी, जिससे छोटे निवेशकों पर ज्यादा असर पड़ सकता है।
नया आयकर कानून लागू
आज से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो गया है, जिससे कई दशकों से लागू पुराना कानून खत्म हो गया। नए कानून का मुख्य उद्देश्य टैक्स से जुड़े नियमों को सरल और स्पष्ट बनाना है।
हालांकि राहत की बात यह है कि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी करदाताओं को फिलहाल पुराने स्लैब के अनुसार ही टैक्स देना होगा।
ITR फाइल करने की डेडलाइन बढ़ी
सरकार ने कुछ करदाताओं को राहत देते हुए आयकर रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है।
- ITR-3 और ITR-4 भरने वालों के लिए अब आखिरी तारीख 31 अगस्त कर दी गई है (पहले 31 जुलाई थी)।
- वहीं ITR-1 और ITR-2 के लिए अंतिम तारीख पहले की तरह 31 जुलाई ही रहेगी।
इससे उन लोगों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जिनकी आय का स्वरूप थोड़ा जटिल होता है।
TCS दरों में बदलाव
सरकार ने टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दरों में भी बदलाव किया है, जिसका असर कई सेक्टर्स पर पड़ेगा।
- शराब की बिक्री पर TCS 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है।
- स्क्रैप पर भी TCS 1% से बढ़कर 2% हो गया है।
- कोयला और आयरन ओर जैसे खनिजों पर भी अब 2% TCS लगेगा।
इन बदलावों से संबंधित उद्योगों में लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।
विदेश खर्च पर मिली राहत
पढ़ाई-इलाज या विदेश यात्रा के लिए पैसे भेजने वालों के लिए अच्छी खबर है।
- विदेश यात्रा पैकेज पर अब एक समान 2% TCS लगेगा, जबकि पहले यह अलग-अलग दरों (5% और 20%) में था।
- शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि पर TCS घटाकर 2% कर दिया गया है, जो पहले 5% था।
इससे विदेश जाने या वहां खर्च करने वालों को राहत मिलेगी।
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नए नियमों का मकसद टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाना है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बोझ भी बढ़ा है। खासकर ट्रेडिंग और कुछ उद्योगों में लागत बढ़ेगी, जबकि विदेश खर्च और ITR फाइलिंग में राहत देखने को मिलेगी।









