बिहार में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ की 16 दिवसीय ‘वोट अधिकार यात्रा’ का समापन सोमवार को राजधानी पटना में एक विशाल रैली के साथ हुआ। गांधी मैदान से अंबेडकर पार्क तक निकाली गई इस पदयात्रा में कांग्रेस, आरजेडी, झामुमो, एनसीपी, सीपीआई और सीपीआई-एमएल समेत विपक्षी दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। हालांकि डाकबंगला चौराहे पर पटना पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर यात्रा को रोके जाने से राजनीतिक तापमान और अधिक बढ़ गया।
यात्रा को रोके जाने के बाद नेताओं ने वहीं पर जनसभा को संबोधित करना शुरू कर दिया और मंच की जगह सड़क को ही आवाज़ उठाने का माध्यम बना लिया। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन, मल्लिकार्जुन खड़गे, सुप्रिया सुले समेत तमाम प्रमुख नेताओं ने केंद्र सरकार और बिहार की मौजूदा सत्ता पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी का तीखा हमला: “हाइड्रोजन बम आ रहा है”
राहुल गांधी ने पदयात्रा को संबोधित करते हुए तीखे शब्दों में कहा कि बीजेपी की “वोट चोरी” की सच्चाई देश के सामने आने वाली है। उन्होंने कहा, “बीजेपी वालों, सावधान हो जाइए… हाइड्रोजन बम आ रहा है। बिहार की जनता ने यह तय कर लिया है कि वोट चोरी नहीं होने देंगे।”
राहुल ने यह भी कहा कि अब पूरा देश ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ का नारा दे रहा है — यहां तक कि चीन और अमेरिका में भी।
तेजस्वी यादव बोले: “राजतंत्र नहीं, लोकतंत्र चाहिए”
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहां से जो संदेश जाता है, वह पूरे देश में गूंजता है। उन्होंने कहा,”हमारे मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) इतने बार पलटी मार चुके हैं कि अब खुद ही चक्रीय हो गए हैं। इस डबल इंजन सरकार का एक इंजन अपराध में और दूसरा वोट काटने में लगा है।”
हेमंत सोरेन का तीखा कटाक्ष: “यह वोट किसी पार्टी का नहीं, देश का है”
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 2014 से अब तक देश की दिशा और दशा को बिगाड़ने का काम हुआ है। “अगर आज नहीं जागे, तो फिर कभी चेतने का मौका नहीं मिलेगा,” उन्होंने आगाह किया।
मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप: “ईडी और सीबीआई के जरिए डराया जा रहा है”
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि यह यात्रा भले ही बिहार की थी, लेकिन इसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दी है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह केंद्रीय एजेंसियों और धनबल के जरिए लोकतंत्र को कुचलना चाहती है।

अन्य नेताओं की भी जोरदार उपस्थिति
इस रैली में सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी), डी. राजा (सीपीआई), दीपंकर भट्टाचार्य (सीपीआई-एमएल), एनी राजा सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक सुर में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ का नारा दिया और संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुटता का संकल्प दोहराया।
1300 किलोमीटर, 25 जिले, 16 दिन — यह थी यात्रा की तस्वीर
17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई इस पदयात्रा ने औरंगाबाद, गया, नवादा, नालंदा, भागलपुर, पूर्णिया, मधुबनी, चंपारण समेत 25 जिलों को पार किया और करीब 1300 किलोमीटर की दूरी तय की। यात्रा का मुख्य उद्देश्य था — मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जन जागरूकता फैलाना।
डाकबंगला चौराहे पर पुलिस की नाकेबंदी से गरमाया माहौल
पटना पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर यात्रा को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया और बैरिकेडिंग कर दी, जिससे यात्रा का रुख बदलना पड़ा। इस कदम को लेकर विपक्ष ने प्रशासन और सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाया।
‘वोट अधिकार यात्रा’ के समापन के साथ ही बिहार से विपक्ष ने 2025 चुनावी समर का बिगुल फूंक दिया है। गांधी मैदान से अंबेडकर पार्क तक की यह यात्रा न केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन रही, बल्कि इसे विपक्ष की ओर से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की घोषणा भी माना जा रहा है।
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आने वाले दिनों में इस यात्रा का राजनीतिक असर बिहार की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर कितना गूंजेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।








