महंगाई के दबाव के बीच आम लोगों को थोड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। देश के प्रमुख निजी बैंक HDFC Bank ने अपने कर्ज की ब्याज दरों में मामूली कटौती की है, जिससे खासकर शॉर्ट टर्म लोन लेने वालों की ईएमआई में कमी आएगी।
7 अप्रैल से लागू हुई नई दरें
बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05% तक की कमी की है। नई दरें 7 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं। इस बदलाव के बाद कुछ अवधियों के लिए ब्याज दर 8.15% से घटकर 8.10% हो गई है।
किन लोन पर मिलेगा फायदा
इस कटौती का सीधा लाभ उन ग्राहकों को मिलेगा, जिनका लोन टेन्योर कम अवधि का है। खासतौर पर ओवरनाइट, एक महीने और तीन महीने की अवधि वाले लोन पर ब्याज दरों में कमी की गई है।
- ओवरनाइट और एक महीने की दर अब 8.10%
- तीन महीने की दर घटकर 8.20%
वहीं छह महीने से लेकर तीन साल तक की अवधि वाले लोन की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ईएमआई पर क्या असर पड़ेगा
ब्याज दरों में इस हल्की कटौती से शॉर्ट टर्म लोन धारकों की ईएमआई में थोड़ी कमी देखने को मिलेगी। हालांकि, जिन लोगों ने लंबी अवधि (लॉन्ग टर्म) के लिए लोन लिया है, उनकी किस्तों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
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ग्राहकों के लिए क्या मायने
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह कटौती छोटी है, लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच यह राहत का संकेत है। खासकर उन लोगों के लिए, जो अल्पकालिक लोन लेते हैं या फ्लोटिंग रेट पर कर्ज चुका रहे हैं, उनके मासिक खर्च में थोड़ी कमी आ सकती है।








