पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच एक बार फिर हिंसा की घटना ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। सत्ताधारी TMC ने दावा किया है कि उसकी सांसद मिताली बाग के काफिले पर हमला किया गया, जिसमें वह घायल हो गईं। फिलहाल उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रैली में जाते वक्त हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक मिताली बाग आरामबाग में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में उनके काफिले पर हमला हुआ। आरोप है कि उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और शीशे तोड़ दिए गए, जिससे उन्हें चोटें आईं।
TMC ने बताया ‘जानलेवा हमला’
TMC ने इस घटना को गंभीर बताते हुए इसे सुनियोजित हमला करार दिया है। पार्टी का कहना है कि गाड़ी के शीशे टूटने से निकले कांच के टुकड़े सांसद को लगे, जिससे वह घायल हो गईं। पार्टी ने इसे उनकी जान को खतरे में डालने वाली घटना बताया है।
बीजेपी पर लगाए आरोप
TMC ने इस हमले के लिए BJP के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनके भाषणों के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हुआ है।
आरामबाग सीट पर कड़ा मुकाबला
आरामबाग विधानसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। पिछली बार यहां बीजेपी के मधुसूदन बाग ने जीत दर्ज की थी। इस बार बीजेपी ने हेमंत बाग को मैदान में उतारा है, जबकि TMC की ओर से मीता बाग चुनाव लड़ रही हैं। वहीं Communist Party of India (Marxist) की उम्मीदवार बिथिका पंडित भी इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर रही हैं।
पहले भी हुई झड़प
इससे पहले भी राज्य में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में जगतदल थाना क्षेत्र में TMC और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पश्चिम बंगाल पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।
चुनावी माहौल में बढ़ी सतर्कता
राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
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चुनावी माहौल के बीच इस तरह की घटनाएं न केवल राजनीतिक तनाव बढ़ा रही हैं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रही हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और आने वाले चुनावी चरणों पर टिकी है।







