देश में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नई योजनाएं लागू कर रही हैं। इसी दिशा में राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह योजना किसानों को सीधे आर्थिक सहायता देकर उनकी खेती को स्थिर और लाभकारी बनाने का प्रयास करती है।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को केवल धान पर निर्भर रहने के बजाय अन्य फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है। सरकार चाहती है कि किसान कोदो-कुटकी, रागी, दलहन, तिलहन और बागवानी जैसी फसलों की खेती अपनाएं, जिससे उनकी आय के स्रोत बढ़ें और जोखिम कम हो।
प्रति एकड़ मिलती है आकर्षक सहायता
योजना के तहत किसानों को इनपुट सब्सिडी के रूप में अच्छी-खासी राशि दी जाती है।
- धान की खेती करने पर 9,000 रुपये प्रति एकड़
- अन्य फसलों (जैसे दलहन, तिलहन, मिलेट्स, उद्यानिकी) पर 10,000 रुपये प्रति एकड़
यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए किस्तों में भेजी जाती है। फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों को ज्यादा प्रोत्साहन दिया जाता है।
कौन उठा सकता है लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:
- आवेदक छत्तीसगढ़ का निवासी होना चाहिए
- उसके पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए
- छोटे, सीमांत और बड़े सभी किसान पात्र हैं
इसके अलावा पट्टेदार और बटाईदार किसान भी निर्धारित नियमों के तहत इसमें शामिल हो सकते हैं। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाता और जमीन से जुड़े दस्तावेज जरूरी होते हैं।
आवेदन प्रक्रिया आसान
योजना में शामिल होने के लिए किसान ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए राज्य के कृषि पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है। साथ ही, नजदीकी सहकारी समिति या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए भी आवेदन किया जा सकता है।
रजिस्ट्रेशन के बाद कृषि विभाग द्वारा खेत और फसल का सत्यापन किया जाता है। सभी जानकारी सही पाए जाने पर सहायता राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
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किसानों के लिए क्यों खास है योजना
यह योजना उन किसानों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है, जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई फसलों की ओर कदम बढ़ाना चाहते हैं। बढ़ती लागत और बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है और उनकी आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है।









