India vs England test match 2025: क्रिकेट मैच जिस स्थान पर खेल खेला जाता है, उसे पिच कहा जाता है, और यह खेल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। सर डॉन ब्रैडमैन के ज़माने की बिना ढकी पिचों से लेकर आज की अच्छी तरह से तैयार की गई सतहों तक, क्रिकेट के साथ-साथ पिचों में भी क्रांतिकारी विकास देखे गए हैं।
टॉस जीतने वाली टीम बल्लेबाज़ी करेगी या गेंदबाज़ी? यह आज भी पिच की प्रकृति पर निर्भर करता है जो पिच की अहमियत को दर्शाता है। इसलिए जब बात क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट, ICC वर्ल्ड कप की होती हो या फिर टेस्ट क्रिकेट की, तो पिचों का सही तरीके से तैयार होना बहुत ज़रूरी हो जाता है। ताकि सारे मुकाबले बिना किसी रुकावट के संपन्न हो सकें।

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किसी मैच की पिच कौन तय करता है?
जब ICC किसी देश को टूर्नामेंट की मेज़बानी सौंपती है, तो उस देश की सर्वोच्च क्रिकेट संस्था (जैसे भारत के लिए BCCI) को यह अधिकार मिल जाता है कि वह टूर्नामेंट के लिए मैचों के स्थान (venues) का निर्धारण करे।
लेकिन पिच की बात करें, तो ICC या BCCI नहीं, बल्कि हर स्टेडियम का अपना ग्राउंड स्टाफ ही पिच तैयार करता है और यह तय करता है कि किस ट्रैक पर मैच खेला जाएगा। हालांकि, मैच के दौरान पिच की निगरानी ICC द्वारा नियुक्त अंपायर्स करते हैं।

ICC ने 2023 वर्ल्ड कप के लिए अपनी गाइडलाइंस में स्पष्ट किया है कि मैच से पहले पिच को रस्सियों से घेर दिया जाना चाहिए ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति उस तक न पहुंच सके। वहीं, यह चौथे अंपायर की जिम्मेदारी होती है कि केवल अधिकृत स्टाफ, ICC द्वारा अधिकृत व्यक्ति, मैच ऑफिशियल्स, खिलाड़ी, कोच और टीवी स्टाफ को ही पिच तक पहुंचने की अनुमति दी जाए।
पिच खेलने के लिए उपयुक्त है या नहीं, यह कौन तय करता है?
पिच को भले ही ग्राउंड स्टाफ तैयार करता है, लेकिन मैच के दौरान इसकी गुणवत्ता तय करने की जिम्मेदारी अंपायर्स की होती है। अगर किसी समय अंपायर्स को लगता है कि पिच खिलाड़ियों के लिए खतरनाक हो सकती है, तो वे मैच रोक सकते हैं और इसकी सूचना मैच रेफरी को देते हैं। उसके बाद अंपायर्स और रेफरी दोनों टीमों के कप्तानों से चर्चा करके यह तय करते हैं कि खेल जारी रखा जाए या नहीं।

ICC अपनी स्टैंडर्ड प्लेइंग कंडीशन्स के दिशा-निर्देश होस्ट क्रिकेट बोर्ड (जैसे BCCI) को भेजती है, जो उसे सभी वेन्यू के ग्राउंड स्टाफ तक पहुंचाता है। इसके अलावा, ICC एक मैच रेफरी भी नियुक्त करता है, जो खेल के दौरान पिच का मूल्यांकन करता है। रेफरी की रिपोर्ट के आधार पर ICC पिच को रेटिंग देता है।
अगर किसी पिच या आउटफील्ड को ‘poor’ या ‘unfit’ रेटिंग मिलती है, तो ICC उस वेन्यू पर सज़ा या प्रतिबंध भी लगा सकता है।
इस प्रकार, वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में पिच तय करने की प्रक्रिया एक संयुक्त जिम्मेदारी होती है। लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी कि, पिच की तैयारी की जिम्मेदारी, जैसे- पिच की सतह, आउटफील्ड की स्थिति जैसे पहलुओं पर निर्णय मेजबान देश ही लेता है।









