UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पेश किया गया यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, इसलिए इसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि निर्यात, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर खास जोर देखने को मिला। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सुबह 11 बजे विधानसभा में बजट पेश किया।
किसानों के लिए बड़ा कदम: एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि विश्व बैंक की सहायता से संचालित यूपी एग्रीज परियोजना के तहत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है:
- कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना
- किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना
- प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
सरकार का मानना है कि निर्यात आधारित कृषि मॉडल से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश वैश्विक बाजार में अपनी पहचान मजबूत करेगा।

टेक्सटाइल और हथकरघा क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश
योगी सरकार ने वस्त्रोद्योग और हथकरघा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़ा बजटीय प्रावधान किया है।
- हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग योजनाओं के लिए करीब 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- यह राशि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में पांच गुना से अधिक बताई जा रही है।
- वर्ष 2026-27 में टेक्सटाइल सेक्टर में 30,000 नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेगा टेक्सटाइल पार्क और गारमेंटिंग हब
प्रदेश में गारमेंटिंग हब विकसित करने के लिए पीएम मित्र पार्क योजना के तहत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इससे न केवल बड़े पैमाने पर निवेश आएगा बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
बुनकरों के लिए राहत
हथकरघा और पावरलूम बुनकरों को राहत देते हुए सरकार ने:
- अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिए 4,423 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
- उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इन योजनाओं से बुनकर समुदाय को सस्ती बिजली और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिससे उत्पादन लागत घटे और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़े।
चुनावी साल से पहले विकास पर फोकस
राजनीतिक दृष्टि से यह बजट बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव से पहले सरकार ने किसानों, युवाओं और उद्योगों को साधने की कोशिश की है। कृषि निर्यात, टेक्सटाइल निवेश और रोजगार सृजन के माध्यम से सरकार विकास और आत्मनिर्भरता का संदेश देने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है।
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कुल मिलाकर, यूपी बजट 2026-27 को ग्रामीण विकास, औद्योगिक विस्तार और रोजगार केंद्रित बजट के रूप में देखा जा रहा है, जिसका सीधा लाभ किसानों, बुनकरों और युवाओं को मिलने की उम्मीद है।









