उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मसौदा सूची सार्वजनिक कर दी है। इस प्रक्रिया के बाद प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर अब लगभग 12.55 करोड़ रह गई है।
चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, SIR के दौरान करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश में लगभग 15.44 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कैसे जांचें
चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि ड्राफ्ट सूची में किसी का नाम नहीं दिख रहा है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। मतदाता आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम आसानी से जांच सकते हैं।
नाम देखने के लिए EPIC नंबर, नाम, विधानसभा और जिला जैसी जानकारी भरनी होगी।
नाम न होने पर क्या करें
अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो वह 6 फरवरी 2026 तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है।
- नए मतदाता या जिनका नाम हट गया है, उन्हें फॉर्म-6 भरना होगा
- गलत तरीके से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7
- नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8
ये सभी फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जमा किए जा सकते हैं। आवेदन के साथ जन्म प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और पते से संबंधित दस्तावेज देना जरूरी होगा। इसके अलावा मतदाता अपने क्षेत्र के BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) से भी संपर्क कर सकते हैं।
अब तक का सबसे बड़ा वोटर लिस्ट रिवीजन
चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, यह उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान है। आंकड़ों के अनुसार—
- 1.26 करोड़ नाम स्थानांतरण (ट्रांसफर) के कारण हटे
- 46 लाख मृत मतदाताओं के नाम काटे गए
- 23.70 लाख डुप्लीकेट एंट्री पाई गईं
- 83.73 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं मिले
- इसके अलावा अन्य श्रेणियों में भी कई नाम हटाए गए हैं
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आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले सभी दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी, ताकि कोई भी योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।









