पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल ने राज्य की सियासत को बेहद रोमांचक बना दिया है। अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के आंकड़ों में भले ही अंतर नजर आ रहा हो, लेकिन कुल मिलाकर मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे का बताया जा रहा है।
ज्यादातर सर्वे में बीजेपी को बढ़त
कई एग्जिट पोल में बीजेपी को मामूली बढ़त मिलती दिख रही है। कुछ सर्वे एजेंसियों के अनुसार, 294 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी 140 से 170 सीटों के बीच हासिल कर सकती है। वहीं टीएमसी को 100 से 140 सीटों के बीच सिमटने का अनुमान जताया गया है।
हालांकि, सभी सर्वे एक जैसी तस्वीर पेश नहीं कर रहे। कुछ अनुमानों में टीएमसी को स्पष्ट बहुमत के करीब दिखाया गया है, जहां पार्टी 170 से ज्यादा सीटें जीत सकती है, जबकि बीजेपी 100 के आसपास रह सकती है।
कांग्रेस और वाम दल हाशिये पर
एग्जिट पोल संकेत दे रहे हैं कि इस चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और वामपंथी दलों की भूमिका सीमित रह सकती है। अधिकतर सर्वे में इन दलों को कुछ ही सीटों तक सिमटता दिखाया गया है।
‘एंटी-इनकंबेंसी’ पर बयान
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने चुनावी रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ दल के खिलाफ मतदान हुआ है। उनके मुताबिक, यह वोट अलग-अलग विपक्षी दलों में बंट गया, जिससे अंतिम नतीजों पर असर पड़ सकता है।
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असली नतीजों का इंतजार
पश्चिम बंगाल में इस बार सीधी टक्कर टीएमसी और बीजेपी के बीच मानी जा रही है। एग्जिट पोल भले ही संकेत दे रहे हों, लेकिन अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा। नतीजे यह तय करेंगे कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा या ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी फिर वापसी करेगी।









