बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरिया नियामत गांव में रविवार की रात जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर गोलीबारी और मारपीट हुई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों पक्षों से कुल छह लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मृतक की पहचान जितेंद्र भगत के रूप में
इस गोलीबारी में 38 वर्षीय जितेंद्र कुमार भगत की सीने में गोली लगने से मौत हो गई। वहीं, घायल अन्य लोगों में जयप्रकाश भगत, महेश राम, प्रिंस कुमार और रवि भूषण शामिल हैं। सभी घायलों को पहले पारू पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर रेफर किया गया है।
जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष की वजह
स्थानीय लोगों और घायलों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पूर्व से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। रविवार की देर रात यह विवाद अचानक हिंसक रूप ले लिया। पहले गाली-गलौज और मारपीट हुई, इसके बाद एक पक्ष ने हथियार निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों के अनुसार, कई राउंड गोलियां चलीं, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलते ही पारू थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। थाना प्रभारी मोनू कुमार ने बताया कि पुलिस मौके पर कैंप कर रही है और गांव में फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस ने घटनास्थल से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा गया है।
गांव में तनाव, भारी संख्या में पुलिस तैनात
घटना के बाद से कोरिया नियामत गांव में तनावपूर्ण माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने गांव में सुरक्षा बढ़ा दी है और लगातार गश्त कर रही है। स्थानीय लोग इस घटना से सदमे में हैं और प्रशासन से शांति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
थाना प्रभारी का बयान
थाना प्रभारी मोनू कुमार ने बताया, “घटना देर रात जमीन विवाद को लेकर हुई थी। दोनों पक्षों में पहले मारपीट हुई और बाद में एक पक्ष ने गोली चला दी। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। अन्य घायलों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
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इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि जमीन विवाद किस हद तक हिंसक रूप ले सकता है। प्रशासन पर अब दबाव है कि वह गांव में स्थिति को शांत करे और आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।









