बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। मयमनसिंह जिले में एक हिंदू युवक की मौत का मामला सामने आया है। यह वही इलाका है, जहां कुछ दिन पहले एक अन्य हिंदू युवक की भीड़ द्वारा हत्या की गई थी। बीते 15 दिनों में यह तीसरी घटना है, जिसमें एक हिंदू युवक की जान गई है।
फैक्ट्री परिसर में हुई घटना
यह घटना सोमवार, 29 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6:45 बजे की बताई जा रही है। मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला क्षेत्र में स्थित लबीब ग्रुप की गारमेंट फैक्ट्री ‘सुल्तान स्वेटर्स लिमिटेड’ में बजेंद्र बिस्वास नामक सुरक्षा कर्मी को गोली लग गई। वह फैक्ट्री में अपने सहकर्मी नोमान मिया के साथ तैनात था।
पुलिस के अनुसार, बजेंद्र बिस्वास की मौत गोली लगने से हुई, जो उनकी जांघ में लगी थी। यह गोली नोमान मिया की बंदूक से चली थी। घटना के बाद पुलिस ने नोमान मिया को हिरासत में ले लिया है।
सुरक्षा ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
बजेंद्र बिस्वास (42 वर्ष) और नोमान मिया (29 वर्ष) दोनों फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे और अंसार बैरक में रहते थे। फैक्ट्री की सुरक्षा के लिए कुल 20 अंसार सदस्य तैनात थे।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों के बीच बातचीत के दौरान नोमान ने मजाक में बंदूक तान दी। इसी दौरान गलती से ट्रिगर दब गया और गोली चल गई, जो बजेंद्र को लग गई। गंभीर रूप से घायल बजेंद्र को बचाया नहीं जा सका।
पहले से तनावपूर्ण हैं हालात
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मयमनसिंह जिला पहले से ही संवेदनशील माना जा रहा है। 18 दिसंबर को इसी जिले में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या के बाद हालात काफी बिगड़ गए थे। उससे पहले ढाका में अमृत मंडल की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला भी सामने आया था।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते एक साल में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इन मामलों को लेकर न सिर्फ बांग्लादेश के भीतर, बल्कि भारत में भी चिंता और नाराजगी जताई जा रही है।
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फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन एक के बाद एक सामने आ रही घटनाओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता को और गहरा कर दिया है।








