एयर इंडिया की फ्लाइट AI-315, जो हांगकांग से दिल्ली आ रही थी, के लैंडिंग के तुरंत बाद उसके ऑक्सिलरी पावर यूनिट (APU) में आग लग गई। यह घटना मंगलवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई, एयर इंडिया ने खुद इसकी जानकारी दी है।
एयरलाइन के मुताबिक, आग उस समय पता चली जब यात्री विमान से बाहर निकल रहे थे। जैसे ही सिस्टम ने APU में आग का पता लगाया, इसे स्वचालित रूप से बंद कर दिया गया, और सभी यात्री व चालक दल सुरक्षित रूप से उतरने में सक्षम रहे।
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यह विमान एक ट्विन-जेट एयरबस A321 है, जिसमें कुछ क्षति हुई है और फिलहाल इसे ग्राउंड कर दिया गया है। घटना के संबंध में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को सूचित किया गया है। दिल्ली की यह घटना घरेलू एयरलाइन के लिए एक और चिंता का विषय बन गई है।
अब तक की सबसे गंभीर घटना
बता दें कि, 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI-171, जो एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर थी, टेकऑफ के 32 सेकंड बाद ही क्रैश हो गई थी। यह हादसा एक मोबाइल फोन में लाइव कैद हो गया था।
इस हादसे में 274 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 19 लोग जमीन पर मौजूद थे। हादसे के दौरान विमान को मिड-एयर थ्रस्ट लॉस हुआ और वह एक कॉलेज हॉस्टल से टकरा गया।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही दोनों फ्यूल सप्लाई स्विच RUN से CUTOFF पोजीशन में चले गए थे, जिससे इंजन बंद हो गया।
इन लगातार हुई घटनाओं ने एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था और विमान प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









