Bihar Election Nomination: नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है, नामांकन पत्रों की जांच 18 अक्टूबर को होगी, नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर तय की गई है, और मतदान 6 नवंबर को होगा। दूसरे चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया 13 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके लिए नामांकन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर, जांच 21 अक्टूबर, नाम वापस लेने की आखिरी तिथि 23 अक्टूबर और मतदान 11 नवंबर को होगा। वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी।
बिहार चुनाव में दो प्रमुख राजनीतिक गठबंधन आमने-सामने हैं, एनडीए (NDA) और इंडिया गठबंधन (INDI Alliance)। एनडीए में पांच दल शामिल हैं, जद(यू), भाजपा (BJP), लोजपा(रामविलास), आरएलएम और हम। हालांकि बिहार में एनडीए का नेतृत्व मुख्यमंत्री और जद(यू) नेता नीतीश कुमार कर रहे हैं, लेकिन असल में भाजपा की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
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इंडिया गठबंधन को बिहार में महागठबंधन के नाम से जाना जाता है, जिसका नेतृत्व तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कर रही है। महागठबंधन में आठ दल शामिल हैं — राजद (RJD), कांग्रेस (INC), भाकपा(माले), भाकपा, माकपा, वीआईपी, झामुमो (JMM) और राष्ट्रीय लोक जनता पार्टी (RLJP)।
इसके अलावा, कई अन्य दल भी चुनावी मैदान में हैं, जिनमें एआईएमआईएम (AIMIM), प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज पार्टी, बसपा (BSP), आम आदमी पार्टी (AAP) और प्रगतिशील पार्टी (PP) शामिल हैं। जनसुराज पार्टी ने हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में खासा प्रभाव दिखाया है।
एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ही अभी तक सीट बंटवारे पर अंतिम सहमति नहीं बना पाए हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाने के बावजूद सीट शेयरिंग को लेकर असमंजस बरकरार है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बिहार को लेकर 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। एनडीए की अंतिम सूची 13 अक्टूबर को जारी होने की संभावना है।
हालांकि भाजपा ने दावा किया है कि सीट बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के साथ बातचीत सकारात्मक चल रही है, लेकिन हकीकत कुछ अलग है। चिराग पासवान ने पहले अपनी पार्टी लोजपा(रामविलास) के लिए 40 सीटों की मांग की थी। बाद में उन्होंने भाजपा को 35 सीटों की सूची सौंपी है। रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा ने उन्हें 26 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है, साथ ही भविष्य में राज्यसभा और एमएलसी सीटों का ऑफर भी दिया गया है। जद(यू) और भाजपा के करीब 100-100 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है। उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को लगभग 10 सीटों पर समझौता होने की उम्मीद है, जबकि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम(से) ने 15 सीटों की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर मांग नहीं मानी गई तो वे चुनाव से अलग हो जाएंगे।









