राज्यसभा में वंदे मातरम पर चल रही चर्चा मंगलवार को उस समय गर्मा गई, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रगीत के इतिहास और महत्व पर जोर देते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। शाह ने कहा कि वंदे मातरम कोई साधारण गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को जागृत करने वाला वह मंत्र है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों देशभक्तों को प्रेरित किया।
गृह मंत्री के अनुसार, आज़ादी के दौर में जब अंग्रेजों ने इस गीत पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की, तब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने स्पष्ट कहा था कि उनकी अन्य रचनाएँ भले ही समाप्त कर दी जाएँ, लेकिन वंदे मातरम की शक्ति को कोई दबा नहीं सकता। शाह ने कहा कि यह भविष्यवाणी आज सच होकर दिख रही है, क्योंकि यह गीत अभी भी पूरे देश में एकता और राष्ट्रभावना का प्रतीक बना हुआ है।
“भारत सिर्फ भू-भाग नहीं, हमारी मां है”
अमित शाह ने सदन में कहा कि भारत की भूमि को मां का दर्जा देने की परंपरा भारतीय संस्कृति में सदियों पुरानी है। उन्होंने दावा किया कि वंदे मातरम ने इसी भाव को नई ऊर्जा दी और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह क्रांतिकारियों के मनोबल का प्रमुख स्रोत बना। शाह ने महर्षि अरविन्द का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने इस गीत को “आध्यात्मिक चेतना जगाने वाला मंत्र” कहा था।
नेहरू पर कटाक्ष—“कांग्रेस ने किया गीत का विभाजन”
चर्चा के दौरान अमित शाह ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 1937 में वंदे मातरम की स्वर्ण जयंती के अवसर पर जवाहर लाल नेहरू ने इसके केवल दो अंतरों को स्वीकार्य माना, जिससे गीत को अनावश्यक रूप से विभाजित कर दिया गया। इस बयान पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, लेकिन शाह ने अपना रुख दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस की नेतृत्व वाली राजनीति आज भी इस विषय से दूरी बनाने की कोशिश कर रही है।

विपक्ष का पलटवार
इससे पहले लोकसभा में प्रियंका गांधी ने कहा था कि मौजूदा समय में वंदे मातरम को लेकर बहस की कोई आवश्यकता नहीं है और सरकार जानबूझकर इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है। वहीं, राज्यसभा में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल चुनाव के संदर्भ में इस भावनात्मक मुद्दे को तूल दे रही है।
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सदन में हंगामे के बीच चर्चा जारी
अमित शाह के बयान के बाद सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा। बावजूद इसके, गृह मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम पूरे देश की साझा विरासत है और इसका सम्मान किसी दल या विचारधारा से ऊपर होना चाहिए।









