राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी मंडेला फाउंडेशन द्वारा ‘एक पेड़, शांति के नाम’ पहल के तहत गांधी आश्रम, किंग्सवे कैंप में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांति के संदेश को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ते हुए समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और शांतिपूर्ण एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।

गांधी मंडेला फाउंडेशन ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार आज भी समाज को प्रकृति, शांति और मानवीय मूल्यों के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं। ‘एक पेड़, शांति के नाम’ पहल के माध्यम से फाउंडेशन पर्यावरण संरक्षण को शांति और सामाजिक जिम्मेदारी के व्यापक संदेश से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि एक पेड़ लगाना केवल पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में कदम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव रखने का संकल्प भी है।
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के विचारों और उनके शांति एवं अहिंसा के संदेश को याद किया गया। प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का आह्वान भी किया।

गांधी मंडेला पुरस्कार
गांधी मंडेला फाउंडेशन भारत सरकार द्वारा पंजीकृत एक ट्रस्ट है, जो विश्वभर में महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला के विचारों—व्यक्तिगत स्वतंत्रता, नागरिक अधिकार, सत्य, अहिंसा, न्याय और मानवाधिकार—के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करता है। गांधी मंडेला फाउंडेशन के संस्थापक और महासचिव एडवोकेट नंदन झा हैं और फाउंडेशन के अध्यक्ष भारत के हिंदू आध्यात्मिक नेता स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज हैं।
फाउंडेशन विश्वभर में शांति, अहिंसा, संस्कृति और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों को ‘गांधी मंडेला पुरस्कार’ से सम्मानित करता है।
वैश्विक शांति को बढ़ावा देने के लिए पहला गांधी मंडेला पुरस्कार आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को प्रदान किया गया था। दूसरा पुरस्कार नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं महिला अधिकारों की प्रखर आवाज रिगोबर्टा मेंचू तुम को मेक्सिको में प्रदान किया गया।
गांधी मंडेला पुरस्कार की जूरी की अध्यक्षता भारत के 37वें मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति के. जी. बालाकृष्णन करते हैं। जूरी में भारत, नेपाल और बांग्लादेश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं।
गांधी मंडेला फाउंडेशन का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसके अतिरिक्त संयुक्त राज्य अमेरिका, लैटिन अमेरिका, रूस, दक्षिण अफ्रीका, चीन, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, यूनाइटेड किंगडम तथा ऑस्ट्रेलिया सहित अनेक देशों में इसकी सक्रिय वैश्विक उपस्थिति है। फाउंडेशन को संयुक्त राष्ट्र तथा विभिन्न देशों के दूतावासों एवं उच्चायोगों के सहयोग से अनेक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने का गौरव प्राप्त है।








