गुजरात की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के सभी 16 मंत्रियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के घर हुई एक अहम बैठक के बाद ये इस्तीफे दिए गए। इस सामूहिक इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। माना जा रहा है कि यह कदम आगामी मंत्रिमंडल विस्तार और नए सिरे से कैबिनेट के गठन की प्रक्रिया के तहत उठाया गया है।
मुख्यमंत्री को छोड़ सभी मंत्रियों ने सौंपा इस्तीफा
सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार, 16 अक्टूबर को दोपहर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के आवास पर सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक के बाद सभी मंत्रियों ने एक-एक कर अपने इस्तीफे मुख्यमंत्री को सौंप दिए। हालांकि, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल खुद अपने पद पर बने रहेंगे।
बताया जा रहा है कि इस्तीफे पहले से तैयार थे और सभी मंत्रियों ने उन पर हस्ताक्षर कर दिए थे। अब ये इस्तीफे राज्यपाल को सौंपे जाएंगे। खास बात यह रही कि मंत्रियों के इस्तीफे मांगे नहीं गए थे, बल्कि यह फैसला सामूहिक रूप से बैठक में लिया गया।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने की पहल
इस फैसले की शुरुआत बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा के इस्तीफे से हुई। उनके इस्तीफे के बाद सभी मंत्रियों को पार्टी नेतृत्व की ओर से इस्तीफा देने का निर्देश दिया गया। विश्वकर्मा ने ही सभी मंत्रियों से इस्तीफा लेने की प्रक्रिया पूरी की।
कल होगा नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण
अब सबकी नजरें नए मंत्रिमंडल के गठन और उसमें शामिल होने वाले चेहरों पर टिकी हैं। नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित किया जाएगा। माना जा रहा है कि कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, वहीं कुछ पुराने मंत्रियों की वापसी भी संभव है।
इस्तीफा देने वाले मंत्रियों की सूची:
- कनुभाई देसाई – वित्त, ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स
- बलवंतसिंह राजपूत – उद्योग, श्रम और रोजगार
- ऋषिकेश पटेल – स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और उच्च शिक्षा
- राघवजी पटेल – कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन
- कुंवरजीभाई बावलिया – जल आपूर्ति और नागरिक आपूर्ति
- भानुबेन बाबरिया – सामाजिक न्याय और महिला एवं बाल विकास
- मुलुभाई बेरा – पर्यटन, वन और पर्यावरण
- कुबेर डिंडोर – शिक्षा और आदिवासी विकास
- नरेश पटेल – गणदेवी विधायक
- बच्चूभाई खबाद – देवगढ़ बारिया विधायक
- परषोत्तम सोलंकी – भावनगर ग्रामीण विधायक
- हर्ष सांघवी – मजूरा विधायक
- जगदीश विश्वकर्मा – निकोल विधायक (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष)
- मुकेशभाई जिनाभाई पटेल – ओलपाड विधायक
- कुंवरजीभाई हलपति – मांडवी (ST)
- भिकुभाई परमार – मोडासा विधायक
राजनीतिक संकेत और संभावनाएं
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम गुजरात विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों का हिस्सा है। भाजपा नेतृत्व नए मंत्रिमंडल में युवाओं, महिलाओं और क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान रख सकता है। साथ ही पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए कुछ बड़े चेहरों को संगठनात्मक भूमिकाएं भी दी जा सकती हैं।
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गुजरात में मंत्रिमंडल के सामूहिक इस्तीफे से यह साफ है कि भाजपा राज्य में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। कल होने वाला शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ चेहरों का नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा का भी संकेत देगा।









