देश की प्रमुख आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने अपने कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर दी है। कंपनी ने संकेत दिया है कि अब छंटनी का दौर समाप्त हो चुका है और वह अपने पारंपरिक सैलरी इंक्रीमेंट साइकिल पर लौट रही है। इससे कर्मचारियों के बीच लंबे समय से बनी अनिश्चितता खत्म होने की उम्मीद है।
छंटनी के बाद अब सामान्य स्थिति
गौरतलब है कि जुलाई 2025 में TCS ने बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा की थी, जिसमें उसके वैश्विक कार्यबल का करीब 2 प्रतिशत, यानी लगभग 12 हजार से अधिक कर्मचारी प्रभावित हुए थे। कंपनी ने इस फैसले के पीछे स्ट्रक्चरल बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों के अनुरूप खुद को ढालने की जरूरत बताई थी। इस दौरान कर्मचारियों में नौकरी की सुरक्षा और वेतन वृद्धि को लेकर चिंता बनी हुई थी।
अब कंपनी के ताजा रुख से संकेत मिलता है कि वह इन चुनौतियों से उबर चुकी है और धीरे-धीरे स्थिरता की ओर लौट रही है।
मजबूत प्रदर्शन से मिला भरोसा
कंपनी के CEO के. कृतिवासन के मुताबिक, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन, बढ़ती मांग और कारोबारी माहौल में सुधार ने कंपनी को दोबारा मजबूती दी है।
वित्तीय नतीजों की बात करें तो चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 13,718 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 12.2 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 9.6 प्रतिशत बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इसके अलावा, TCS ने हाल के महीनों में लगभग 12 बिलियन डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं, जिनमें कई बड़ी डील्स शामिल हैं। यह कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
सैलरी हाइक पर क्या असर?
TCS में वेतन वृद्धि आमतौर पर कर्मचारियों के प्रदर्शन पर आधारित होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार:
- बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को डबल डिजिट में सैलरी हाइक मिल सकती है
- सामान्य कर्मचारियों के लिए यह वृद्धि 4.5% से 7% के बीच रहती है
अब जब कंपनी अपने स्टैंडर्ड इंक्रीमेंट साइकिल (1 अप्रैल से शुरू) पर लौट रही है, तो कर्मचारियों को समय पर वेतन वृद्धि मिलने की उम्मीद है।
नासिक BPO यूनिट में विवाद
इसी बीच, महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS की BPO यूनिट में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां कुछ महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न, शोषण और जबरन धर्मांतरण के प्रयासों के आरोप लगाए हैं।
इस मामले में पुलिस ने 9 FIR दर्ज की हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में दो सस्पेंड कर्मचारियों को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। घटना ने कंपनी की छवि पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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एक ओर जहां TCS आर्थिक रूप से मजबूती की ओर बढ़ती दिख रही है, वहीं दूसरी ओर आंतरिक विवादों को सुलझाना भी कंपनी के लिए अहम चुनौती बना हुआ है। कर्मचारियों को अब उम्मीद है कि कंपनी न सिर्फ आर्थिक स्थिरता बनाए रखेगी, बल्कि कार्यस्थल को सुरक्षित और भरोसेमंद भी बनाएगी।









