ईरान से जुड़े हालिया तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इसका असर कई देशों की तरह भारत पर भी पड़ा है, जहां एलपीजी की मांग और आपूर्ति को लेकर दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि सरकार ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पहले से ही रणनीति तैयार कर ली है।
पीएनजी अपनाने की अपील
केंद्र सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का उपयोग बढ़ाएं। इससे एलपीजी की खपत में कमी आएगी और जरूरतमंद लोगों तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत
सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष कदम उठाते हुए 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की आपूर्ति दोगुनी कर दी है। ये सिलेंडर राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे, ताकि मजदूरों को खाना पकाने में किसी तरह की परेशानी न हो।
छोटे सिलेंडरों की मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद
सरकार का मानना है कि इस फैसले से छोटे सिलेंडरों की रोजाना बिक्री में तेजी आएगी और यह आंकड़ा एक लाख यूनिट से अधिक तक पहुंच सकता है। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रही हैं और राज्यों के साथ मिलकर वितरण सुनिश्चित कर रही हैं।
आसान उपलब्धता और कम औपचारिकताएं
5 किलो के FTL सिलेंडर बाजार मूल्य पर उपलब्ध होते हैं और इन्हें लेने के लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। यही कारण है कि अस्थायी रूप से रहने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प बन गया है।
आपूर्ति को लेकर सरकार का आश्वासन
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में एलपीजी की कुल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी बड़ी कमी की रिपोर्ट नहीं है। एक ही दिन में लाखों घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है, जिनमें से अधिकांश ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरी हुई।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। हजारों सिलेंडर जब्त किए गए हैं और कई गैस एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कुछ डीलरशिप को निलंबित भी किया गया है।
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दोहरी रणनीति पर काम
सरकार एक ओर जहां एलपीजी की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी ओर वैकल्पिक ईंधन जैसे PNG को बढ़ावा दे रही है। इस संतुलित रणनीति का उद्देश्य है कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।









