कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस की एक टीम पूछताछ के लिए पहुंची। इस दौरान स्थानीय सहयोग के लिए दिल्ली पुलिस भी मौजूद रही। यह कार्रवाई उस विवाद के बाद हुई है, जिसमें खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री और उनके परिवार को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप
5 अप्रैल को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी की संपत्ति व वित्तीय गतिविधियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं, जो भारतीय कानून के तहत गंभीर मुद्दा हो सकता है।
खेड़ा ने यह भी सवाल किया कि आखिर एक व्यक्ति को कई पासपोर्ट रखने की जरूरत क्यों पड़ती है और क्या यह किसी अनियमितता की ओर इशारा करता है।
कानूनी प्रावधानों पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने यह मुद्दा भी उठाया कि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है, ऐसे में अगर किसी के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से इस मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की थी।
सीएम सरमा का पलटवार
इन आरोपों के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने खेड़ा के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया और कहा कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित बयानबाजी है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर के बाद बढ़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री की पत्नी की ओर से 6 अप्रैल को पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके अगले ही दिन असम पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई।
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राजनीतिक बयानबाजी से कानूनी विवाद तक
यह मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानूनी विवाद का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में इस पर और कार्रवाई होने की संभावना है, जिससे यह मुद्दा और ज्यादा सुर्खियों में रह सकता है।









