आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रमुख राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव समेत छह नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में वृद्धि की गई है।
राज्य सरकार ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अब Z+ श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है, जिसमें एडवांस सिक्योरिटी लीयर (ASL) भी शामिल है। यह सुरक्षा श्रेणी देश की सबसे ऊंची सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, जबकि पप्पू यादव को Y+ सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
इसके अतिरिक्त बाढ़ से बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू और अररिया से बीजेपी सांसद प्रदीप कुमार सिंह को भी Y+ सुरक्षा प्रदान की जा रही है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार को Y श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी।
इस संबंध में गृह विभाग के विशेष सचिव सुहित अनुपम द्वारा एक पत्र जारी कर पुलिस महानिदेशक (DGP) और विशेष शाखा के एडीजी को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य सुरक्षा समिति की 1 अगस्त 2025 को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार इन नेताओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

क्या होती है Z+, Z और Y+ सुरक्षा?
भारत में वीवीआईपी सुरक्षा को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है। Z+ सुरक्षा सबसे उच्च श्रेणी की होती है, जिसमें लगभग 55 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं, जिनमें NSG के प्रशिक्षित कमांडो, एस्कॉर्ट वाहन, फ्रिस्किंग टीम और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी होते हैं।
Z श्रेणी की सुरक्षा में 22 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें केंद्रीय बलों के कमांडो और राज्य पुलिस के जवान शामिल रहते हैं। वहीं Y+ श्रेणी की सुरक्षा में कुल 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें दो कमांडो और निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) भी शामिल होते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला चुनावी माहौल में नेताओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है, जहां राजनीतिक गतिविधियां और जनसंपर्क कार्यक्रम काफी तेज़ हो जाते हैं, जिससे संभावित खतरे भी बढ़ जाते हैं।
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अब देखना यह होगा कि इस सुरक्षा कवच के साथ राजनीतिक दल किस तरह से अपने प्रचार अभियान को आगे बढ़ाते हैं और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करते हैं।









