भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने बिहार में चल रही विपक्षी यात्रा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में विपक्ष पर भाषा की मर्यादा तोड़ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उनकी दिवंगत माता जी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगाया।
“लोकतंत्र में विरोध, दुश्मनी नहीं होती”
प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत में पात्रा ने स्वर्गीय सुषमा स्वराज के एक पुराने वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा, “लोकतंत्र में विरोध होता है, दुश्मनी नहीं। विचारधाराओं में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि हाल ही में बिहार की एक रैली में जो शब्द प्रधानमंत्री और उनकी माता जी के लिए इस्तेमाल किए गए, वो न केवल नीचता की पराकाष्ठा हैं बल्कि लोकतंत्र के मूल्यों का भी अपमान हैं।
विपक्ष पर गांधी के नाम पर राजनीति करने का आरोप
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “जो पार्टी कभी खुद को गांधी जी की पार्टी कहती थी, आज वह ‘गाली वाली पार्टी’ बन गई है। यह महात्मा गांधी की नहीं, बल्कि तथाकथित नकली गांधी परिवार की पार्टी बनकर रह गई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस पार्टी में अहंकार कूट-कूट कर भरा हुआ है, और उन्हें लगता है कि सत्ता पर सिर्फ उनका ही अधिकार है।

राहुल गांधी को ठहराया जिम्मेदार
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इस पूरे घटनाक्रम का “जनक” बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री को ‘तू’ कहकर संबोधित कर रहे हैं, और यह भाषाई गिरावट का संकेत है। पात्रा ने कहा कि दरभंगा की रैली में जो शब्द प्रधानमंत्री की मां के लिए बोले गए, वह लोकतंत्र की सभी सीमाओं को पार करने जैसा है।
बिहार की जनता सब देख रही है: पात्रा
पात्रा ने यह भी कहा कि बिहार की जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी। “यह सिर्फ प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, हमारी परंपरा और लोकतंत्र पर हमला है,” उन्होंने कहा।
यह भी पढ़ें: संभल दंगा रिपोर्ट: हिंदू जनसंख्या में आया बड़ा बदलाव
संबित पात्रा की यह प्रेस वार्ता उस समय आई है जब बिहार में विपक्षी गठबंधन द्वारा निकाली जा रही यात्राएं राजनीतिक रूप से चर्चा में हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर की गई टिप्पणियां एक नया विवाद पैदा कर सकती हैं। भाजपा ने इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य करार देते हुए विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया है। अब देखना यह होगा कि विपक्ष इस पर क्या सफाई देता है।









