बीएमसी चुनाव परिणाम: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों में मुंबई की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया है। ठाकरे परिवार के परंपरागत गढ़ में सेंध लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। 227 सदस्यीय बीएमसी में इस गठबंधन ने कुल 118 सीटें जीतकर जादुई आंकड़े को पार कर लिया।
चुनाव परिणामों के अनुसार, भाजपा ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। इस तरह गठबंधन ने 114 के बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए देश के सबसे समृद्ध नगर निकाय पर नियंत्रण की दिशा में मजबूत बढ़त बना ली है।
राज ठाकरे को मात्र इतनी सीट मिली
वहीं दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के गठबंधन को कुल 72 सीटों से संतोष करना पड़ा। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीतीं, मनसे को छह सीटें मिलीं, जबकि शरद पवार गुट की राकांपा केवल एक सीट पर सिमट गई।
एआईएमआईएम ने दर्ज की उपस्थिति
अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की। एआईएमआईएम को आठ सीटें मिलीं, जबकि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तीन सीटों से संतोष करना पड़ा। समाजवादी पार्टी ने दो सीटें जीतीं। इसके अलावा, दो निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीतने में सफल रहे।
यह भी पढ़ें: बीएमसी चुनाव: आशीष शेलार ने लिखी BJP की जीत की पटकथा
गौरतलब है कि अविभाजित शिवसेना ने वर्ष 1997 से लगातार 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन किया था। लगभग नौ साल के अंतराल के बाद हुए इन बहुप्रतीक्षित चुनावों में मतदाताओं का रुझान स्पष्ट रूप से बदला हुआ नजर आया। नतीजों ने न केवल मुंबई की नगर राजनीति में सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया है, बल्कि आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति पर भी इसके दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।









