महाराष्ट्र की सभी 29 महानगरपालिकाओं के नतीजें घोषित हो चुके हैं और इन नतीजों ने राज्य की शहरी राजनीति में बड़ा बदलाव स्पष्ट कर दिया है। चुनावी आंकड़ों के अनुसार, 23 महानगरपालिकाओं में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन का दबदबा देखने को मिला है।
वहीं, जिन उम्मीदों के साथ ठाकरे बंधु मैदान में उतरे थे, वे नतीजों में पूरी तरह साकार नहीं हो सकीं। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) एक भी महानगरपालिका में सत्ता हासिल करने में असफल रही। कांग्रेस को लातूर में उल्लेखनीय सफलता जरूर मिली, लेकिन कुल मिलाकर पार्टी का प्रदर्शन सीमित रहा।
बीएमसी में सत्ता परिवर्तन
देश की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (227 सीटें) में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। विपक्षी दलों में शिवसेना (यूबीटी) ने 65, कांग्रेस ने 24 और मनसे ने 6 सीटें जीतीं। एनसीपी (शरद पवार) को 1 और एनसीपी (अजित पवार) को 3 सीटें मिलीं, जबकि अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में 10 सीटें गईं।
पुणे, पिंपरी-चिंचवड और नागपुर में भाजपा का परचम
पुणे महानगरपालिका (165 सीटें) में भाजपा ने 119 सीटों के साथ प्रचंड जीत दर्ज की। अजित पवार गुट की एनसीपी को 27 और कांग्रेस को 15 सीटें मिलीं। पिंपरी-चिंचवड (128 सीटें) में भाजपा ने 84 सीटें जीतकर अजित पवार के गढ़ में मजबूत पकड़ साबित की।
नागपुर महानगरपालिका (151 सीटें) में भाजपा ने 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस को 34 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
मुंबई महानगर क्षेत्र में शिंदे शिवसेना मजबूत
ठाणे (131 सीटें) में शिंदे शिवसेना ने 75 सीटें जीतीं, भाजपा को 28 सीटें मिलीं।
कल्याण-डोंबिवली (122 सीटें) में शिंदे शिवसेना 54 और भाजपा 50 सीटों के साथ प्रमुख दल रहे।
नवी मुंबई (111 सीटें) में भाजपा ने 65 और शिंदे शिवसेना ने 42 सीटों पर जीत दर्ज की।
पनवेल (111 सीटें) में भी भाजपा 65 सीटों के साथ सबसे आगे रही।
क्षेत्रीय दलों और अपवादों की तस्वीर
वसई-विरार (115 सीटें) में बहुजन विकास आघाड़ी ने 71 सीटों के साथ दबदबा कायम रखा, जबकि भाजपा को 48 सीटें मिलीं।
भिवंडी-निजामपुर (90 सीटें) में किसी दल को बहुमत नहीं मिला—कांग्रेस 30, भाजपा 22 और शिंदे शिवसेना व शरद पवार एनसीपी को 12-12 सीटें मिलीं।
अमरावती (87 सीटें) में त्रिशंकु स्थिति बनी, जहां भाजपा 25 और कांग्रेस 15 सीटों पर सिमटी।
अन्य प्रमुख नतीजे
- नासिक (122 सीटें): भाजपा 72, शिंदे शिवसेना 26
- कोल्हापुर (81 सीटें): कांग्रेस 34, भाजपा 26
- सोलापुर (102 सीटें): भाजपा 87
- जालना (65 सीटें): भाजपा 41
- मीरा-भायंदर (95 सीटें): भाजपा 78
- उल्हासनगर (78 सीटें): भाजपा 37, शिंदे शिवसेना 36
- छत्रपति संभाजीनगर (115 सीटें): भाजपा 58, AIMIM 33
- सांगली-मिरज-कुपवाड (78 सीटें): भाजपा 39
- मालेगांव (84 सीटें): इस्लाम पार्टी 35, AIMIM 20
- अहिल्यानगर (68 सीटें): अजित पवार एनसीपी 27, भाजपा 25
- जलगांव (75 सीटें): भाजपा 46
यह भी पढ़ें: बीएमसी चुनाव: आशीष शेलार ने लिखी BJP की जीत की पटकथा
2026 के महानगरपालिका चुनावों ने साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की पकड़ पहले से कहीं मजबूत हुई है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का संकेत हैं। इन नतीजों को आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला अहम संकेतक माना जा रहा है।









