बढ़ते बिजली बिल से परेशान आम लोगों को राहत देने के लिए बिहार सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य में बीपीएल परिवारों के लिए मुफ्त सोलर पैनल लगाने की योजना शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सस्ती और वैकल्पिक ऊर्जा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका मासिक बिजली खर्च कम हो सके।
सरकार की इस पहल से हजारों जरूरतमंद परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है। सोलर पैनल लगने के बाद घरों में पंखे, बल्ब और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दिन के समय सूरज की ऊर्जा से चल सकेंगे।
बीपीएल और कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत बीपीएल और कुटीर ज्योति योजना कनेक्शन धारकों को घर की छत पर मुफ्त रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का अवसर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक कम आय वाले परिवार इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
सोलर सिस्टम के इस्तेमाल से घरों की बिजली जरूरतें काफी हद तक सूर्य ऊर्जा से पूरी होंगी, जिससे ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम होगी और बिजली बिल में भी राहत मिलेगी। साथ ही यह योजना पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देगी क्योंकि सौर ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
ऐसे करें योजना के लिए आवेदन
सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाया है। इच्छुक लाभार्थी अपने स्मार्टफोन के जरिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से सुविधा ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप में “कुटीर ज्योति रूफटॉप सोलर पैनल सहमति” विकल्प चुनें।
- अपना कंज्यूमर नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें।
- इसके बाद बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड और अन्य पहचान व पते से जुड़े दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन फॉर्म में घर की छत की फोटो और उपलब्ध जगह की जानकारी भी भरनी होगी।
बिना स्मार्टफोन के भी कर सकते हैं आवेदन
जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे अपने नजदीकी सुविधा केंद्र या वसुधा केंद्र जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। वहां उन्हें आवेदन प्रक्रिया में मुफ्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकारी अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि योजना का लाभ लेने के लिए समय रहते आवेदन करें, ताकि पहले चरण में ही उनके घरों पर सोलर पैनल लगाए जा सकें।
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बिजली खर्च कम करने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न सिर्फ गरीब परिवारों के बिजली खर्च को कम करेंगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देंगी। आने वाले समय में ऐसी पहलें देश में ऊर्जा बचत और पर्यावरण सुरक्षा के लिए अहम साबित हो सकती हैं।








