एशिया की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में बीजेपी अपने राजनीतिक इतिहास में पहली बार अपना मेयर बनाने जा रही है। मुंबई की उथल-पुथल भरी और अत्यंत प्रतिस्पर्धी राजनीति में पिछले एक दशक के दौरान जिस नेता ने संगठनात्मक अनुशासन, चुनावी दूरदृष्टि और राजनीतिक धैर्य का परिचय दिया है, उनमें सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ आशीष शेलार का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रदर्शन किसी संयोग का परिणाम नहीं था, बल्कि वर्षों की सुनियोजित पार्टी-निर्माण प्रक्रिया और रणनीतिक तैयारी का नतीजा था, जिस पर आशीष शेलार की स्पष्ट छाप दिखाई देती है।

मुंबई नगर निगम चुनावों के प्रभारी के रूप में शेलार बीजेपी के अभियान के मुख्य रणनीतिकार रहे। उन्होंने इस चुनाव को एक साधारण स्थानीय निकाय का मुकाबला नहीं माना, बल्कि यह समझा कि मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ राजनीतिक और प्रतीकात्मक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां जीत के लिए केवल नारों से काम नहीं चल सकता था; इसके लिए मजबूत संगठन, सुशासन की विश्वसनीय छवि और सामाजिक-राजनीतिक रूप से जागरूक मतदाताओं से संवाद आवश्यक था।

शेलार की रणनीति इन पर आधारित थी
शेलार की रणनीति तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित थी—जमीनी संगठन को मजबूत करना, पार्टी के शासन मॉडल को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना और आंतरिक समन्वय को सुदृढ़ बनाए रखना। बूथ स्तर की समितियों को समय से पहले सक्रिय किया गया, वार्ड-स्तरीय आंकड़ों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन हुआ और स्थानीय मुद्दों—जैसे बुनियादी ढांचा, आवास, पारदर्शिता और नागरिक प्रशासन—को अभियान के केंद्र में रखा गया। इसका परिणाम यह हुआ कि बीजेपी का अभियान अनुशासित, केंद्रित और पूरी तरह तैयार दिखाई दिया, जबकि विरोधी दल आंतरिक असहमति से जूझते रहे।

बीएमसी चुनावों में शेलार की प्रभावी भूमिका को उनके अगस्त तक रहे मुंबई बीजेपी अध्यक्ष पद के कार्यकाल से अलग करके नहीं देखा जा सकता। इस अवधि में पार्टी संगठन को मजबूती देने का निरंतर प्रयास हुआ। उनके नेतृत्व में मुंबई बीजेपी ने व्यक्तिकेंद्रित राजनीति से हटकर कैडर निर्माण, प्रशिक्षण और संरचित संवाद पर जोर दिया। जिन इलाकों में पार्टी पारंपरिक रूप से कमजोर रही थी, वहां विस्तार किया गया और मजबूत क्षेत्रों में मतदाताओं से निरंतर संपर्क बनाए रखा गया।

शेलार का एक महत्वपूर्ण योगदान नेतृत्व विकास पर उनका जोर रहा। उन्होंने दूसरी पंक्ति के नेताओं को आगे बढ़ाया, पार्षदों को केवल चुनावी चेहरों तक सीमित न रखते हुए साल-भर सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इससे बीजेपी एक गंभीर और वैकल्पिक शासक दल के रूप में उभर सकी।
जब मुंबई की राजनीति गठबंधनों के बदलाव, वैचारिक असमंजस और बिखराव के दौर से गुजर रही थी, तब शेलार ने पार्टी के भीतर उद्देश्य की स्पष्टता बनाए रखी। राज्य नेतृत्व, स्थानीय प्रतिनिधियों और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय स्थापित कर उन्होंने आंतरिक टकराव को न्यूनतम रखा और मतदाताओं के सामने एकजुट छवि प्रस्तुत की। राजनीतिक दबावों के बीच उनका संयम और तथ्यपरक प्रतिक्रिया-तंत्र भी चर्चा में रहा।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आशीष शेलार वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ-साथ व्यावहारिक शहरी शासन की समझ रखते हैं। उन्होंने बीजेपी के नागरिक एजेंडे को जवाबदेही, बुनियादी ढांचे के विकास और प्रशासनिक दक्षता से जोड़कर मुंबई के नागरिकों की रोजमर्रा की चिंताओं से जोड़ा।

बीएमसी चुनाव परिणामों ने इस दीर्घकालिक सोच को प्रतिबिंबित किया। आंकड़ों से परे, इसका बड़ा संदेश यह रहा कि बीजेपी मुंबई में एक अधिक संगठित, आत्मविश्वासी और मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी है—जिसका श्रेय काफी हद तक शेलार की वर्षों की संगठनात्मक मेहनत और रणनीतिक नेतृत्व को जाता है।
प्रारंभिक जीवन और आरएसएस से जुड़ाव
आशीष शेलार की राजनीतिक यात्रा की नींव उनके छात्र जीवन में ही पड़ गई थी। स्कूल के दिनों में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े और ‘प्राथमिक वर्ग’ प्रशिक्षण पूरा किया। कॉलेज के दौरान उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़कर सक्रिय भूमिका निभाई और आगे चलकर मुंबई सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे।
आरएसएस से उनका जुड़ाव उनकी राजनीतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है। संघ से मिली संगठनात्मक ट्रेनिंग, वैचारिक स्पष्टता और नेटवर्क ने उनके पूरे राजनीतिक करियर को दिशा दी। यही कारण है कि पार्टी निर्माण और नीति संबंधी दृष्टिकोण में वे संघ परिवार की व्यापक सोच के अनुरूप नजर आते हैं।

मुंबई की राजनीतिक इतिहास में आशीष शेलार को केवल चुनाव प्रभारी या पार्टी अध्यक्ष के रूप में नहीं, बल्कि राजनीतिक पूंजी के निर्माता के रूप में याद किया जाएगा—एक ऐसे नेता के रूप में, जिसने शहर की नब्ज पहचानी और भारत की वित्तीय राजधानी में बीजेपी की दिशा और दशा को नया आकार दिया।

आशीष शेलार द्वारा संभाले गए प्रमुख पद
आशीष शेलार ने अपने राजनीतिक जीवन में संगठन, नगर निकाय, विधानमंडल और सरकार के स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके प्रमुख पद इस प्रकार हैं—
- मुंबई सचिव, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)
- अध्यक्ष, मुंबई भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM)
- कोर टीम सदस्य, आयोजन समिति, भाजपा महाराष्ट्र अधिवेशन, 1995
- नगरसेवक, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (खार पश्चिम)
- अध्यक्ष, उत्तर-पश्चिम मुंबई जिला भाजपा
- नगरसेवक एवं भाजपा गुटनेता, बृहन्मुंबई महानगरपालिका
- सदस्य, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA)
- गवर्नर, मुंबई मेट्रो हेरिटेज सोसाइटी
- सदस्य, महाराष्ट्र विधानपरिषद (2012–2014)
- विधायक, बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र
- 2014
- 2019
- 2024
- अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, मुंबई
- (अगस्त 2022 से अगस्त 2025 तक)
- वर्तमान में:
- कैबिनेट मंत्री, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, महाराष्ट्र सरकार
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खेल प्रशासक के रूप में भी निभा रहे अहम भूमिका

अपने राजनीतिक करियर के समानांतर आशीष शेलार ने खेल प्रशासन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। जून 2015 में उन्हें देश की सबसे प्रभावशाली खेल संस्थाओं में से एक मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) का उपाध्यक्ष चुना गया। इसके बाद सितंबर 2022 से शुरुआती 2025 तक उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के कोषाध्यक्ष (Treasurer) के रूप में भी अहम जिम्मेदारी निभाई।
वर्तमान में आशीष शेलार एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के बोर्ड सदस्य हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी सक्रिय भूमिका दिखाई देती है।
क्रिकेट के साथ-साथ उनका जुड़ाव फुटबॉल से भी रहा है। वे मुंबई जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर खेलों के विकास और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
इन विभिन्न दायित्वों के माध्यम से आशीष शेलार ने संगठनात्मक राजनीति से लेकर शहरी शासन, खेल प्रशासन और राज्य सरकार तक अपनी प्रभावी भूमिका निभाई है, जिससे वे महाराष्ट्र भाजपा के प्रमुख और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं।









