Dehradun cloud burst: उत्तराखंड के देहरादून में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात को साहस्रधारा क्षेत्र में कई जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे नदियों और जलधाराओं में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया। भारी बारिश से कई दुकानों और रेस्टोरेंट्स को नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पुलिस और SDRF मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
सीएम धामी ने एक्स (X) पर लिखा, ‘दुःखद समाचार मिला कि साहस्रधारा, देहरादून में रात के समय भारी वर्षा के कारण कुछ दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रशासन, SDRF और पुलिस मौके पर हैं और राहत-बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। इस संबंध में मैं स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं और स्थिति की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहा हूं। ईश्वर से सभी की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।’
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ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी उफनी
तेज बारिश के कारण ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी भी उफान पर आ गई। नदी का पानी हाईवे तक आ गया और कई वाहन फँस गए। SDRF ने जानकारी दी कि नदी में फँसे 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
SDRF उत्तराखंड पुलिस ने एक्स (X) पर लिखा, ‘भारी वर्षा के कारण चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी हाईवे तक पहुँच गया और कई वाहन उसमें फँस गए। इस दौरान 03 लोग नदी के बीच में फँस गए थे, जिन्हें SDRF टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।’
तामसा नदी में बाढ़, तपकेश्वर महादेव मंदिर डूबा
तामसा नदी भी उफान पर आ गई और पानी शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक तपकेश्वर महादेव मंदिर तक पहुँच गया। पानी मंदिर के आंगन में घुस गया और हनुमान जी की मूर्ति तक पहुँच गया, हालांकि गर्भगृह सुरक्षित रहा।
मंदिर के पुजारी आचार्य बिपिन जोशी ने एएनआई से कहा, ‘सुबह 5 बजे से नदी तेज़ी से बहने लगी और पूरा मंदिर प्रांगण डूब गया। बहुत लंबे समय बाद ऐसा दृश्य देखने को मिला है… कई जगहों पर नुकसान हुआ है… लोगों को इस समय नदियों के पास जाने से बचना चाहिए… मंदिर का गर्भगृह सुरक्षित है… अब तक किसी मानव हानि की सूचना नहीं है।’
स्कूल बंद
जिले में भारी बारिश और बादल फटने के चलते देहरादून के सभी स्कूल (कक्षा 1 से 12 तक) बंद कर दिए गए हैं।इस साल उत्तराखंड के कई हिस्सों, उत्तरकाशी के धराली-हर्षिल, चमोली के थराली, रुद्रप्रयाग के चेनगाड़, पौड़ी के सैंजी, बागेश्वर के कपकोट और नैनीताल जिले के कई इलाकों में भारी वर्षा, बादल फटना और भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं।









