दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे से रविवार दोपहर घर लौट रहे 56 वर्षीय नवजोत सिंह, जो वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों विभाग में उप सचिव थे, और उनकी पत्नी संदीप कौर की एक सड़क हादसे में मौत हो गई।
दिल्ली के रिंग रोड पर उनकी मोटरसाइकिल को एक तेज़ रफ्तार BMW ने टक्कर मार दी। इस हादसे में नवजोत सिंह की मौत हो गई और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। महिला चालक, जो लग्जरी कार चला रही थी, और उसके पति को भी चोटें आईं।
हादसे के बारे में जो जानकारी सामने आई
हादसा रविवार दोपहर 1:30 बजे से 2 बजे के बीच धौला कुआं के पास हुआ। लग्जरी कार, जिसे एक महिला चला रही थी। कार दंपति की मोटरसाइकिल से टकराई और डिवाइडर से भिड़कर पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दंपति बाइक से उछलकर दूसरी तरफ जा गिरे और चलते हुए बस की चपेट में आ गए।
यह भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के इन प्रावधानों पर लगाया रोक
पुलिस ने बताया कि कंट्रोल रूम में तीन कॉल्स आई थीं। पुलिस मौके पर पहुंची और पाया कि BMW कार सड़क पर साइडवेज़ पलटी पड़ी थी और मोटरसाइकिल रोड डिवाइडर के पास पड़ी थी (मेट्रो पिलर नंबर 67 के पास)।
महिला चालक गगन प्रीत मक्कड़ और उसके पति पारिक्षित मक्कड़ ने एक टैक्सी बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहां 52 वर्षीय नवजोत सिंह ने दम तोड़ दिया।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में दंपति को मेट्रो पिलर के पास सड़क पर पड़ा देखा गया। कार भी साइड पर पलटी हुई दिखी और पास में मोटरसाइकिल खड़ी थी। हालांकि, इन वीडियो की प्रामाणिकता स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की जा सकी।
सोमवार को महिला चालक को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर गैर-इरादतन हत्या, सबूतों से छेड़छाड़, लापरवाही से गाड़ी चलाने और जान को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया है।
परिवार के आरोप
मृतक के परिवार का आरोप है कि आरोपी दंपति उन्हें बहुत दूर एक छोटे अस्पताल में ले गए। संदीप कौर ने आरोप लगाया कि महिला ने जानबूझकर उन्हें दूर स्थित छोटे अस्पताल में पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जब वह स्ट्रेचर पर थीं, तो बार-बार महिला से बेहतर अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई।
FIR में कौर ने कहा, ‘मैं बार-बार कह रही थी कि हमें पास के अस्पताल ले जाओ, लेकिन उसने नहीं सुना। मेरे पति बेहोश थे और उन्हें तुरंत इलाज की ज़रूरत थी। अगर समय पर इलाज मिल जाता तो शायद वह बच जाते।’
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के पिता उस अस्पताल के तीन मालिकों में से एक को जानते हैं, जहां पीड़ितों को ले जाया गया था।
वहीं, वैन ड्राइवर मोहम्मद गुलफाम, जिसने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया था, ने भी दावा किया कि आरोपी महिला ज़िद कर रही थी कि सभी घायलों को लगभग 22 किलोमीटर दूर एक अस्पताल ले जाया जाए।
गुलफाम ने कहा, ‘हादसे के तुरंत बाद कई लोग वीडियो बना रहे थे लेकिन किसी ने मदद नहीं की। मैं अपना लोडिंग वाहन चला रहा था, रुका और सभी घायलों को आजादपुर के अस्पताल ले गया, क्योंकि कार में मौजूद महिला और उसके पति ने ऐसा कहा।’









