भारतीय ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले सैम पित्रोदा एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की तुलना “घर” से करते हुए कहा कि इन देशों में उन्हें विदेशीपन का अहसास नहीं होता। उनका यह बयान भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों को कांग्रेस पर हमला करने का नया मुद्दा दे सकता है।
क्या कहा सैम पित्रोदा ने?
आईएएनएस को दिए गए एक इंटरव्यू में सैम पित्रोदा ने कहा, “मेरे हिसाब से भारत को अपनी विदेश नीति पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। हमें सबसे पहले अपने पड़ोसियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मैं पाकिस्तान गया हूं और मुझे वहां घर जैसा अनुभव हुआ। मैं बांग्लादेश और नेपाल गया, और वहां भी ऐसा ही महसूस हुआ। मुझे नहीं लगता कि मैं किसी विदेशी जमीन पर था।”
कांग्रेस के लिए नई मुश्किल?
सैम पित्रोदा का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहद संवेदनशील हैं। पाकिस्तान को “घर जैसा” बताना विपक्षी दलों, खासकर भाजपा, के निशाने पर आने का कारण बन सकता है। पहले भी कांग्रेस के नेताओं के बयानों को देशविरोधी या राष्ट्रहित के खिलाफ करार देकर भाजपा हमलावर रही है, और यह बयान उस आग में घी डाल सकता है।
पहले भी दे चुके हैं विवादास्पद बयान
यह पहली बार नहीं है जब सैम पित्रोदा विवादों में आए हैं। इससे पहले उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था: “हुआ तो हुआ।” इस बयान पर कांग्रेस को भारी आलोचना झेलनी पड़ी थी और चुनावी नुकसान का सामना भी करना पड़ा।
बालाकोट स्ट्राइक पर भी उठाए थे सवाल
बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर भी पित्रोदा ने सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था: “क्या हमने वाकई हमला किया था? क्या वाकई 300 आतंकवादी मारे गए?”
उनके इस बयान पर राष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी, और भाजपा ने इसे सेना के अपमान के रूप में प्रचारित किया था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जल्द संभव
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस ताजा बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि भाजपा इस बयान को जोर-शोर से उठाएगी, खासकर ऐसे समय में जब कई राज्यों में चुनाव नजदीक हैं। विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों जैसे मुद्दे चुनावी विमर्श का हिस्सा बनते रहे हैं।
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सैम पित्रोदा का यह बयान न केवल कांग्रेस के लिए एक और राजनीतिक सिरदर्द बन सकता है, बल्कि राष्ट्रीय विमर्श को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे समय में जब भारत की विदेश नीति, सुरक्षा और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर संवेदनशीलता बनी हुई है, किसी वरिष्ठ नेता द्वारा पाकिस्तान जैसे देश को “घर जैसा” कहना राजनीतिक बहस को गर्म कर सकता है।








