एमएस धोनी को हाल ही में उनके बैटिंग क्रम को लेकर खूब ट्रोल किया गया है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में धोनी सातवें क्रम पर और उससे पहले आरसीबी के खिलाफ मैच में नौवें क्रम पर बैटिंग करने आए थे, जिससे टीम की हार को लेकर सवाल उठे। अब इन आलोचनाओं के बीच सीएसके के हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने धोनी के बैटिंग क्रम पर खुलकर बयान दिया है।
धोनी के बैटिंग क्रम के पीछे का असली कारण
स्टीफन फ्लेमिंग ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, “एमएस धोनी खुद अपने बैटिंग क्रम का निर्णय लेते हैं। उनका शरीर और घुटने पहले जितने स्वस्थ नहीं हैं। उन्हें पूरी ताकत के साथ 10 ओवर तक बैटिंग करने में परेशानी होती है।”
उन्होंने आगे कहा, “धोनी अपनी फिटनेस और टीम की परिस्थिति के अनुसार तय करते हैं कि कब और कहां बैटिंग करना है। राजस्थान के खिलाफ मैच में उन्होंने ऊपर आकर बैटिंग की, लेकिन जब मौका आता है तो वो अन्य बल्लेबाजों को भी अवसर देते हैं।”
क्या धोनी सीएसके के लिए बोझ बन रहे हैं?
धोनी के सीएसके टीम पर बोझ बनने के सवाल पर फ्लेमिंग ने कहा, “यह सवाल पिछले साल भी उठाया गया था। धोनी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। वह न सिर्फ एक लीडर हैं, बल्कि विकेटकीपर के रूप में भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाते हैं।”
उन्होंने जोड़ा, “धोनी को 9वें-10वें ओवर में भेजना शायद ही उन्होंने कभी किया हो। 13-14 ओवरों के बाद वह अपनी स्थिति के अनुसार आकलन करते हैं कि टीम के लिए क्या सबसे अच्छा है।”
धोनी की उम्र और फिटनेस पर विचार
अब एमएस धोनी की उम्र 43 साल हो चुकी है और यह सच है कि वह पहले की तरह पूरे मैच में जोश के साथ बल्लेबाजी नहीं कर पाते। फिर भी, धोनी के अनुभव और क्रिकेट के समझदार फैसले CSK के लिए अनमोल हैं।
यह भी पढ़ें: भारतीय नौसेना में निकला भर्ती, इस दिन से आवेदन शुरू, जानें पूरी जानकारी
हालांकि एमएस धोनी के बैटिंग क्रम पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन उनके अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सीएसके के हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने स्पष्ट किया कि धोनी की फिटनेस और टीम की जरूरतों के अनुसार ही उनका बैटिंग क्रम तय किया जाता है।