DUSU चुनाव: दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति का सबसे प्रतिष्ठित पर्व माने जाने वाले डूसू (DUSU) चुनाव 2025 की वोटिंग आज सुबह शुरू हो चुकी है। 52 कॉलेजों, डिपार्टमेंट्स और संस्थानों के छात्र अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए उत्साहपूर्वक मतदान कर रहे हैं। इस बार चुनाव में कुल 21 प्रत्याशी चार प्रमुख पदों – प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी – के लिए मैदान में हैं।
महिला उम्मीदवारों ने बढ़ाई चुनाव की रौनक
इस वर्ष का डूसू चुनाव इसलिए भी खास बन गया है क्योंकि इसमें महिला उम्मीदवारों की भागीदारी उल्लेखनीय है। खासकर प्रेसिडेंट पद पर मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। एनएसयूआई (NSUI) ने करीब 17 साल बाद एक महिला प्रत्याशी, जोसलीन नंदिता चौधरी, को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने एबीवीपी (ABVP) से आर्यन मान और लेफ्ट गठबंधन (आइसा-SFI) से अंजलि चुनौती पेश कर रही हैं।
पिछली बार 2009 में एबीवीपी की नूपुर शर्मा ने यह पद जीता था, और अब इतने वर्षों बाद एक बार फिर महिला उम्मीदवारों की मजबूत दावेदारी ने चुनाव को नई दिशा दी है।

वाइस प्रेसिडेंट पद पर बुद्ध अध्ययन विभाग का दबदबा
वाइस प्रेसिडेंट की कुर्सी के लिए भी इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। एबीवीपी के गोविंद तंवर, एनएसयूआई के राहुल झांसला, और लेफ्ट पैनल से सोहन कुमार – तीनों ही उम्मीदवार बौद्ध अध्ययन विभाग के छात्र हैं। इससे यह पद भी बेहद दिलचस्प हो गया है और छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी पदों पर भी बराबरी की टक्कर
सेक्रेटरी पद के लिए एबीवीपी के कुणाल चौधरी, एनएसयूआई के कबीर, और लेफ्ट से अभिनंदना आमने-सामने हैं। कुणाल बौद्ध अध्ययन विभाग से हैं जबकि कबीर लॉ सेंटर-2 के छात्र हैं। वहीं, जॉइंट सेक्रेटरी के लिए एबीवीपी ने दीपिका झा को उतारा है, जिनका मुकाबला एनएसयूआई के लवकुश भड़ाना और लेफ्ट पैनल के अभिषेक कुमार (हिंदू कॉलेज) से है।
कॉलेजों में दिखा मतदान का जोश
चुनाव को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। सुबह से ही कई कॉलेजों में लंबी कतारें लग गईं। सुबह के सत्र वाले कॉलेजों में वोटिंग सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक, जबकि ईवनिंग कॉलेजों में दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान हो रहा है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, इस बार चुनाव में करीब 700 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का उपयोग हो रहा है, हालांकि कुछ कॉलेजों में अब भी बैलेट पेपर से वोटिंग की जा रही है। लगभग 2.75 लाख छात्र इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
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19 सितंबर को आएंगे नतीजे
डूसू चुनाव के परिणामों की घोषणा 19 सितंबर को की जाएगी। उसी दिन वोटों की गिनती होगी और यह तय होगा कि इस बार छात्र राजनीति की कमान किसके हाथ में जाएगी। जीत चाहे किसी की भी हो, लेकिन इस बार के चुनाव ने यह साफ कर दिया है कि छात्र राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और मुद्दों की गंभीरता लगातार बढ़ रही है।









