देश के प्रमुख दूरस्थ शिक्षा संस्थानों में से एक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) ने जुलाई 2026 सत्र के लिए पीएचडी (PhD) कार्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शोध के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खोल दिया है, जहां पात्र उम्मीदवार निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन कर सकते हैं।
36 विषयों में मिलेगा शोध का अवसर
इस सत्र में विश्वविद्यालय विभिन्न अकादमिक और वैज्ञानिक विषयों में शोध कार्यक्रम संचालित करेगा। सामाजिक विज्ञान, मानविकी, प्रशासनिक अध्ययन और विज्ञान से जुड़े कई विषयों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इससे देशभर के विद्यार्थियों को अपनी रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र में शोध करने का अवसर मिलेगा।
शैक्षणिक विशेषज्ञों का मानना है कि दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से शोध कार्यक्रमों की उपलब्धता उच्च शिक्षा तक पहुंच को और व्यापक बनाएगी। 10 जून से 1 जुलाई 2026 तक इच्छुक और पात्र उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यूजीसी नियमों के अनुसार होगी चयन प्रक्रिया
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया उच्च शिक्षा नियामक संस्थाओं द्वारा निर्धारित नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी। इसके तहत विभिन्न पात्रता श्रेणियों के उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे।
शोध कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं में सफल उम्मीदवारों को विशेष अवसर प्रदान किए जाएंगे, जबकि अन्य अभ्यर्थियों के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर निर्धारित चयन प्रक्रिया लागू रहेगी।
इंटरव्यू रहेगा अनिवार्य चरण
प्रवेश प्रक्रिया में इंटरव्यू या वाइवा-वोसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। शोध की गुणवत्ता और उम्मीदवारों की विषयगत समझ का मूल्यांकन इसी चरण में किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों के पास संबंधित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं की मान्यता प्राप्त योग्यता है, उन्हें लिखित प्रवेश परीक्षा से छूट मिल सकती है और वे सीधे इंटरव्यू चरण तक पहुंच सकते हैं।
फुल-टाइम और पार्ट-टाइम दोनों विकल्प
IGNOU ने इस बार शोधार्थियों की विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पूर्णकालिक (Full-Time) और अंशकालिक (Part-Time) दोनों प्रकार के पीएचडी कार्यक्रम उपलब्ध कराए हैं। इससे नौकरीपेशा पेशेवरों, शिक्षकों और अन्य व्यस्त उम्मीदवारों को भी शोध कार्य जारी रखने का अवसर मिलेगा।
नई दिल्ली में होगा अनिवार्य कोर्स वर्क
प्रवेश प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को विश्वविद्यालय मुख्यालय में निर्धारित कोर्स वर्क पूरा करना होगा। यह चरण शोध पद्धति, अकादमिक लेखन और अनुसंधान कौशल को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।
विश्वविद्यालय ने उपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शोधार्थियों को निर्धारित न्यूनतम उपस्थिति बनाए रखना आवश्यक होगा, जिससे अकादमिक गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। उम्मीदवारों को पहले ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, फिर आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके बाद निर्धारित शुल्क जमा करने पर आवेदन प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
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आवेदन से पहले रखें इन बातों का ध्यान
विशेषज्ञों का सुझाव है कि अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले पात्रता शर्तों, विषयवार सीटों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़ लें। आवेदन पत्र जमा करने से पहले सभी विवरणों का सत्यापन करना भी महत्वपूर्ण होगा ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का सामना न करना पड़े।







