महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार गुरुवार, 15 जनवरी को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। सभी महानगरपालिकाओं में मतदान का समय समान रहेगा। मतगणना शुक्रवार, 16 जनवरी को की जाएगी।
मतदान के लिए पहचान पत्र अनिवार्य
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि वोट डालने के लिए मतदाताओं को पहचान पत्र साथ लाना जरूरी होगा। मतदाता वोटर आईडी कार्ड या फिर राज्य चुनाव आयोग द्वारा मान्य 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक के जरिए मतदान कर सकेंगे। वोटर आईडी न होने की स्थिति में आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो सहित बैंक या डाकघर की पासबुक, पेंशन से जुड़े फोटो दस्तावेज या सरकार द्वारा जारी अन्य वैध फोटो पहचान पत्र स्वीकार किए जाएंगे।
मतदाताओं की सुविधा पर विशेष जोर
बीएमसी चुनाव के दौरान मतदाताओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिव्यांग मतदाताओं के लिए अलग से सुविधाएं, मतदान केंद्रों पर मोबाइल शौचालय और उनकी नियमित सफाई, साथ ही पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 14 से 16 जनवरी तक मतदान और मतगणना केंद्रों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
हर वार्ड में कम से कम एक ‘पिंक’ या ‘सखी’ पोलिंग स्टेशन बनाया गया है, जहां पूरी जिम्मेदारी महिला कर्मियों के पास होगी।
1,700 उम्मीदवार मैदान में
बीएमसी चुनाव में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की संभावना है। मतदान का अधिकार केवल उन्हीं मतदाताओं को होगा, जिनका नाम अंतिम मतदाता सूची में दर्ज है। 227 वार्ड वाली बृहन्मुंबई नगर निगम के चुनाव में कुल 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 879 महिलाएं और 821 पुरुष शामिल हैं। बीएमसी देश की सबसे बड़ी और सबसे संपन्न शहरी निकाय मानी जाती है।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बीएमसी क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 315 है, जिसमें 55 लाख 15 हजार 707 पुरुष, 48 लाख 26 हजार 509 महिलाएं और 1,099 अन्य मतदाता शामिल हैं। मतदान और मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई भर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। करीब 25 हजार पुलिसकर्मियों के साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।









